कांग्रेस ने इंदौर जल प्रदूषण मामले में जवाबदेही की मांग की

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इंदौर के भागीरथपुरा में जल प्रदूषण की घटना पर जवाबदेही सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास करेगी। इस घटना में कई लोगों की जान गई है, और कांग्रेस ने राज्य सरकार की आलोचना की है। जानें इस मामले में और क्या कहा गया है और कांग्रेस का अगला कदम क्या होगा।
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कांग्रेस ने इंदौर जल प्रदूषण मामले में जवाबदेही की मांग की

इंदौर जल प्रदूषण पर कांग्रेस की सक्रियता

कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी इंदौर के भागीरथपुरा में जल प्रदूषण की घटना के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य इकाई इस मुद्दे को लेकर लगातार सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है। खेड़ा ने कहा, "हम इस मामले को गंभीरता से उठाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।"


 


यह बयान उस समय आया है जब भागीरथपुरा में जल प्रदूषण की घटना की व्यापक आलोचना हो रही है, जिसमें कई लोगों की जान गई और कई परिवार प्रभावित हुए। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और सभी प्रभावितों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा की। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है, यह आरोप लगाते हुए कि इसने इंदौर की स्वच्छता की छवि को धूमिल कर दिया है।


 


पत्रकारों से बातचीत करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि इस घटना में केवल 17 नहीं, बल्कि और भी कई लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा, "इंदौर स्वच्छता में पहले स्थान पर था, लेकिन इस घटना ने शहर की छवि को नुकसान पहुंचाया है। महापौर परिषद और राज्य सरकार इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं।"


 


कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में उठाएगा। उन्होंने कहा, "यह घटना इंदौर पर एक कलंक है। मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि आपके क्षेत्रों में भी पानी की पाइपलाइन है, सावधान रहें कि भागीरथपुरा जैसा पानी आपके पास भी पहुंच सकता है। हम इस मामले की पूरी जांच करेंगे और सरकार से सवाल करेंगे कि इंदौर के लोगों को उनकी गलतियों का खामियाजा क्यों भुगतना पड़ रहा है।"