कांग्रेस का वाराणसी में एनएसयूआई प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई का आरोप

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में वाराणसी में एनएसयूआई के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है। जयराम रमेश और प्रियंका गांधी ने इस कार्रवाई की निंदा की है, जबकि कांग्रेस ने 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत 45 दिवसीय अभियान की शुरुआत की है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और कांग्रेस का अगला कदम क्या होगा।
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कांग्रेस का वाराणसी में एनएसयूआई प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई का आरोप

कांग्रेस का आरोप: पुलिस ने किया लाठीचार्ज

कांग्रेस ने रविवार को यह दावा किया कि उत्तर प्रदेश में योगी और मोदी की सरकार ने वाराणसी में एनएसयूआई के शांतिपूर्ण मार्च पर पुलिस को लाठीचार्ज करने का आदेश दिया। यह मार्च पार्टी के राष्ट्रव्यापी 'मनरेगा बचाओ संग्राम' का हिस्सा था।


कांग्रेस के संचार विभाग के महासचिव जयराम रमेश ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करते हुए देखा जा सकता है।


रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र बनारस में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने यह मार्च निकाला।


उन्होंने कहा, "यह एक शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से किया गया लोकतांत्रिक प्रदर्शन था, लेकिन योगी-मोदी की सरकार को सवालों से इतनी घबराहट है कि उसने पुलिस के माध्यम से लाठीचार्ज कराया।" एनएसयूआई कांग्रेस की छात्र शाखा है।


कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी इस घटना पर भाजपा को निशाना बनाया।


उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "मनरेगा को समाप्त करके करोड़ों मजदूरों से रोजगार का अधिकार छीनने के खिलाफ वाराणसी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई छात्रों पर बर्बरता और गिरफ्तारी निंदनीय है। हम इस कायरतापूर्ण कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं।"


प्रियंका ने आगे कहा, "मोदी सरकार करोड़ों मजदूरों से रोजगार का कानूनी अधिकार छीन रही है और जो आवाज उठाते हैं, उनके खिलाफ बल प्रयोग किया जा रहा है। कांग्रेस का हर कार्यकर्ता इस अन्याय और दमन के खिलाफ खड़ा है।"


शनिवार को कांग्रेस ने संप्रग काल के ग्रामीण रोजगार कानून को निरस्त करने के खिलाफ 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान 'मनरेगा बचाओ संग्राम' की शुरुआत की और हर जिले में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया।


विपक्षी दलों द्वारा वीबी-जी राम जी अधिनियम को वापस लेने और 'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम' (मनरेगा) को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग को लेकर यह आंदोलन 25 फरवरी तक जारी रहेगा।