कांग्रेस का जंतर-मंतर पर सत्याग्रह: नटराजन का नामांकन रद्द करने के खिलाफ प्रदर्शन
कांग्रेस ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द करने के खिलाफ एक सत्याग्रह प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के निर्णय को अलोकतांत्रिक बताया और स्वतंत्र चुनावी प्रक्रियाओं की वकालत की। नटराजन ने मामले की कानूनी स्थिति पर प्रकाश डाला, जबकि विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से उचित निर्णय की मांग की। जानें इस विरोध प्रदर्शन के पीछे की कहानी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ।
| Jun 12, 2026, 12:12 IST
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'सत्याग्रह' का आयोजन किया। यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी की नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को रद्द करने के निर्वाचन आयोग के निर्णय के खिलाफ था। प्रदर्शनकारियों ने एक बैनर प्रदर्शित किया, जिसमें लिखा था, "पहले वोट की चोरी, अब 'सीट की चोरी' और फिर चुनाव आयोग की बेशर्म मनमानी।" यह विरोध नटराजन के नामांकन को पार्टी द्वारा अलोकतांत्रिक तरीके से खारिज करने के खिलाफ और स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनावी प्रक्रियाओं की वकालत के लिए आयोजित किया गया था।
नटराजन का बयान
कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन ने स्पष्ट किया कि चूंकि मामला अदालत में है और इसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है, इसलिए वह इस पर विस्तार से चर्चा नहीं करेंगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह मामला चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध एक विशेष दस्तावेज़—फॉर्म 26—पर आधारित है। उन पर आरोप है कि उन्होंने इस फॉर्म में कुछ जानकारी छिपाई है।
कानूनी पहलू
नटराजन ने कहा कि विवाद का मुख्य बिंदु यह है कि उन्हें किसी लंबित आपराधिक मामले या सज़ा-योग्य अपराधों के लिए दोषी ठहराए जाने की जानकारी देनी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बिंदु उन पर लागू नहीं होता क्योंकि उन्हें केवल एक कानूनी नोटिस मिला था। उन्होंने चुनाव आयोग को दिए गए ज्ञापन में उस नोटिस से संबंधित सभी कानूनी जानकारी प्रस्तुत की थी।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक ऐसा निर्णय लेना चाहिए जो मिसाल बने। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई निर्णय नहीं देता है, तो यह देश और लोकतंत्र के लिए खतरा होगा।
विरोध का उद्देश्य
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील पंवार ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन नटराजन के नामांकन पत्र को खारिज करने के खिलाफ था, जिसे उन्होंने "ग़लत" करार दिया। उन्होंने कहा कि वे सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जारी रखेंगे, क्योंकि यह निर्णय असंवैधानिक है।
