कांग्रेस का आरोप: राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को आतंकवाद पर दी क्लीन चिट

कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन के सम्मेलन में पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर शर्मनाक क्लीन चिट दी। पार्टी का कहना है कि यह अमेरिका को खुश करने और चीन के सामने संतुलित समर्पण की प्रधानमंत्री मोदी की नीति का हिस्सा है। जयराम रमेश ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र नहीं है? जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
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कांग्रेस का आरोप: राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को आतंकवाद पर दी क्लीन चिट gyanhigyan

कांग्रेस का बयान

कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को यह आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सम्मेलन में आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को शर्मनाक तरीके से क्लीन चिट दी। पार्टी का कहना है कि यह सब अमेरिका को संतुष्ट करने और चीन के सामने संतुलित समर्पण की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति का हिस्सा है।


कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि यह वही क्लीन चिट है जो प्रधानमंत्री मोदी ने जून 2020 में भारत-चीन के बीच तनाव के समय अपने बयान से बीजिंग को दी थी।


रक्षा मंत्री का बयान

रक्षा मंत्री ने मंगलवार को कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत के ‘दृढ़ संकल्प’ को दर्शाया है कि आतंकवाद के केंद्रों को अब न्यायोचित दंड से छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने एससीओ सम्मेलन में यह भी कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद की कोई राष्ट्रीयता या धर्म नहीं होता। किसी भी शिकायत, चाहे वह वास्तविक हो या काल्पनिक, आतंकवाद और मानवीय क्षति का बहाना नहीं बन सकती।


रमेश ने उनके बयान पर ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि रक्षा मंत्री ने स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री मोदी की स्वीकृति और निर्देश पर बिश्केक में पाकिस्तान को शर्मनाक क्लीन चिट दी।


कांग्रेस के सवाल

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र नहीं है? क्या पाकिस्तान में ऐसे आतंकी कैंप नहीं हैं, जिनका निशाना भारत है? क्या पाकिस्तान में भारत-विरोधी सोच को बढ़ावा नहीं दिया जाता?


कांग्रेस नेता ने यह भी पूछा कि क्या मुंबई और पहलगाम के आतंकी हमलों की साजिश और उन्हें अंजाम पाकिस्तान से जुड़े आतंकियों ने नहीं दिया था? रमेश ने कहा कि पाकिस्तान के प्रति यह नया रुख अमेरिका को खुश करने और चीन के सामने संतुलित समर्पण की प्रधानमंत्री की नीति का हिस्सा है।


उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा मंत्री के चौंकाने वाले बयान उतने ही राष्ट्र-विरोधी हैं, जितनी 19 जून 2020 को चीन को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा दी गई विचित्र क्लीन चिट थी।