कांग्रेस और बसपा के बीच गठबंधन की कोशिशों में मायावती का कड़ा रुख
लखनऊ में राजनीतिक हलचल
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए राजनीतिक समीकरणों को बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस संदर्भ में, कांग्रेस ने बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन की संभावनाओं की तलाश की, लेकिन बसपा प्रमुख मायावती के सख्त रुख के कारण कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। राहुल गांधी का एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ दलित नेताओं को मायावती के दरवाजे से बिना मुलाकात किए ही लौटना पड़ा।
कांग्रेस नेताओं की मायावती से मुलाकात की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती के आवास पर कांग्रेस के वरिष्ठ दलित नेता राजेंद्र गौतम और बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया सहित कई अन्य नेता अचानक पहुंचे। इन नेताओं के पास राहुल गांधी का विशेष संदेश था और वे बसपा के साथ संभावित गठबंधन और राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करने आए थे। हालांकि, मायावती ने कांग्रेस नेताओं से मिलने से साफ इनकार कर दिया।
सुरक्षा कर्मियों ने रोका
मायावती के आवास पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और प्रोटोकॉल अधिकारियों ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को अंदर जाने से रोक दिया। सुरक्षा टीम ने सख्त लहजे में कहा कि "बिना समय लिए मुलाकात संभव नहीं है, कृपया पहले से वक्त तय करके आएं।" इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मायावती का इस तरह कांग्रेस नेताओं को लौटाना यह संकेत देता है कि बसपा फिलहाल किसी भी जल्दबाजी में गठबंधन के मूड में नहीं है और वह अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को अकेले ही वापस पाने की योजना बना रही है।
