कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल
खरगे का केंद्र सरकार पर हमला
कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने उन रिपोर्टों की आलोचना की, जिनमें कहा गया था कि भारतीय सरकार चीनी कंपनियों पर लगे पांच साल पुराने प्रतिबंध को हटाने की योजना बना रही है। खरगे ने मोदी सरकार की विदेश नीति में असंगति का आरोप लगाते हुए कहा कि यह एक बेकाबू पेंडुलम की तरह झूलती है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
मोदी के बयान पर कटाक्ष
प्रधानमंत्री मोदी के "मैं देश को झुकाने नहीं दूंगा" वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए खरगे ने कहा कि मौजूदा स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने X पर पोस्ट किया कि आज जो हो रहा है, वह इसके ठीक उलट है। उन्होंने दो उदाहरण दिए: चीनी कंपनियों पर लगे प्रतिबंध को हटाना और गलवान में भारतीय सैनिकों के बलिदान का अपमान करना।
रूसी तेल निर्यात पर मोदी की चुप्पी
खरगे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टिप्पणियों पर मोदी की चुप्पी की भी आलोचना की। उन्होंने इसे आत्मसमर्पण का संकेत बताया और कहा कि ट्रम्प रोजाना भारत के रूसी तेल निर्यात पर टिप्पणी कर रहे हैं, जबकि मोदी चुप हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने हमारी गुटनिरपेक्ष और रणनीतिक स्वायत्तता वाली विदेश नीति को गंभीर झटका दिया है।
भारत-चीन संबंधों में बदलाव
खरगे ने कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति एक बेकाबू पेंडुलम की तरह है, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए थे। यह संभावित बदलाव उस समय हो रहा है जब भारत और चीन अमेरिका के दबाव के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
