कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने जन्मदिन न मनाने का लिया निर्णय, लोकतंत्र की बहाली की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस साल अपने जन्मदिन का जश्न न मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने इसे सरकार से जवाबदेही मांगने और लोकतंत्र की बहाली का दिन बताया। खरगे ने छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। जानें उनके विचार और संसद में उठाए गए सवाल।
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खरगे का जन्मदिन मनाने से इनकार

कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस वर्ष अपने जन्मदिन का जश्न न मनाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि यह दिन जश्न का नहीं, बल्कि सरकार से जवाबदेही मांगने और लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का है। खरगे ने छात्रों के लोकतांत्रिक प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज और आंसू गैस के उपयोग की कड़ी निंदा की। उनका मानना है कि देश के भविष्य और बच्चों को सरकारी दमन के बजाय न्याय की आवश्यकता है।


सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश

खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि वह अपने जन्मदिन पर कोई उत्सव नहीं मनाएंगे। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों का दिल से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जनता का प्यार उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। खरगे ने हाल ही में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शनों को कुचले जाने की घटनाओं पर दुख व्यक्त किया।


राज्यसभा में उठाए सवाल

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे ने सवाल उठाया कि न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग क्यों किया गया, संसद को क्यों सील किया गया और इंटरनेट सेवाएं क्यों बाधित की गईं। उन्होंने बार-बार होने वाले पेपर लीक के कारण लाखों युवाओं को हो रही समस्याओं का मुद्दा उठाया और पूछा कि इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। खरगे ने इस गंभीर विषय पर संसद में तात्कालिक और विस्तृत चर्चा कराने की मांग की है।


शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए कहा कि उन्हें इस मामले की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने एक ऐसी शिक्षा प्रणाली की वकालत की जो राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त, स्वतंत्र और योग्यता आधारित हो। खरगे ने यह भी कहा कि परीक्षा में धांधली होने पर छात्रों को पुनर्परीक्षा और मुआवजे का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए। उल्लेखनीय है कि खरगे का जन्म 21 जुलाई, 1942 को हुआ था और वह दो दशकों में गांधी परिवार से बाहर के पहले कांग्रेस अध्यक्ष हैं।