कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने गृह मंत्री से छात्रों पर लाठीचार्ज पर जवाब मांगा
संसद में विपक्ष का सहयोग, लेकिन जवाबदेही जरूरी
कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को कहा कि विपक्ष संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में मदद करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, पैलेट गन के उपयोग और आंसू गैस के इस्तेमाल पर सदन में जवाब देने की मांग की। खरगे ने आरोप लगाया कि पिछले 15 दिनों से विपक्ष इस मुद्दे पर गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार इससे बच रही है।
खरगे ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बर्बरता की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया, पैलेट गन चलाने का निर्देश किसने दिया और आंसू गैस के गोले क्यों छोड़े गए। उन्होंने कहा, "इन सवालों का उत्तर देने के लिए गृह मंत्री को सदन में आकर बयान देना चाहिए।"
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि संसद का सत्र पिछले 15 दिनों से चल रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सदन में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि या तो सरकार संसद की अनदेखी कर रही है या उन्हें सदन में आने से डर लग रहा है।
खरगे ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि उन्होंने छात्रों को माफ कर दिया है, जबकि माफी मांगने की जरूरत छात्रों को नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को है। उनके अनुसार, सरकार को अपनी गलती स्वीकार करते हुए छात्रों और उनके अभिभावकों से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि संसद सुचारू रूप से चले और गृह मंत्री इस पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखें, ताकि संसद के माध्यम से जनता को सरकार का जवाब मिल सके। खरगे ने यह भी बताया कि विपक्षी सांसदों ने इस विषय पर राज्यसभा के सभापति से चर्चा की थी, जिन्होंने भी गृह मंत्री के बयान की आवश्यकता का उल्लेख किया, लेकिन उन्हें भी बीच में टोका गया।
खरगे ने आरोप लगाया कि जब भी वह सदन में बोलने के लिए खड़े होते हैं, तो सत्ता पक्ष के सांसद शोर मचाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि संसद की कार्यवाही बाधित हो रही है, तो इसके लिए सरकार स्वयं जिम्मेदार है।
