कश्मीर से ईरान के लिए मानवीय सहायता का संदेश
कश्मीर के लोगों ने युद्ध से प्रभावित ईरान के लिए सहायता का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने नकद, सोना और अन्य कीमती सामान दान किए हैं। बारामूला के सांसद इंजीनियर रशीद ने ईरान के एक स्कूल के पुनर्निर्माण के लिए अपनी सैलरी दान करने का ऐलान किया है। इस दान अभियान में समाज के सभी वर्गों ने भाग लिया है, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जानें इस मानवीय प्रयास की पूरी कहानी।
| Mar 24, 2026, 16:13 IST
कश्मीर से ईरान को सहायता
युद्ध से प्रभावित ईरान के लिए कश्मीर की वादियों से लगातार दूसरे दिन सहायता का हाथ बढ़ाया गया। स्थानीय लोगों ने नकद, सोना, चांदी और अन्य कीमती सामान दान करके एकजुटता और मानवता का संदेश दिया। इस बीच, ईरान के लिए मदद की गूंज अब लोकसभा में भी सुनाई दी है। बारामूला के निर्दलीय सांसद इंजीनियर रशीद ने उस स्कूल के पुनर्निर्माण के लिए अपनी एक महीने की सैलरी दान देने का ऐलान किया, जहां 162 बच्चियों की जान गई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सहानुभूति केवल एक पक्ष के साथ नहीं है, बल्कि इजरायल के नागरिकों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की है, जो अपनी सरकार की गलत नीतियों के कारण पीड़ित हैं।
रशीद का समर्थन और भारत की भूमिका
इंजीनियर रशीद ने बताया कि कश्मीर के लोगों ने ईरान के नागरिकों की मदद के लिए सोना और गाड़ियाँ दान की हैं, जिससे करोड़ों रुपये जुटाए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें आने वाली चुनौतियों का जिक्र किया गया था। रशीद ने कहा कि भारत को ईरान के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। उन्होंने भाजपा सांसद जगदंबिका पाल के बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि केवल कुछ लीटर एलएनजी लाना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने चाबहार पोर्ट जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर भारत के ध्यान की आवश्यकता पर जोर दिया।
दान अभियान की जानकारी
कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने युद्धग्रस्त ईरान के राहत कोष के लिए नकद, सोना और तांबे के बर्तनों सहित कई वस्तुएं दान की हैं। अधिकारियों के अनुसार, ईरानी दूतावास ने इस दान के लिए आभार व्यक्त किया है और कहा है कि यह दयालुता का कार्य कभी नहीं भुलाया जाएगा। ईद के अगले दिन, घाटी के शिया बहुल क्षेत्रों में युवाओं ने ईरान में युद्ध से प्रभावित लोगों के लिए चंदा इकट्ठा करने के लिए घर-घर जाकर मदद मांगी। रैनावारी के निवासी एजाज अहमद ने कहा कि इजराइल की यहूदी सरकार द्वारा ईरान पर थोपे गए इस अवैध युद्ध से भारी तबाही हुई है। सभ्य दुनिया को कम से कम इतना तो करना चाहिए कि ईरान के पीड़ितों की सहायता की जाए। अधिकारियों ने बताया कि इस दान अभियान में समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हुए, विशेष रूप से महिलाओं ने उदारता से सोने के आभूषण, तांबे के बर्तन और अन्य मूल्यवान घरेलू सामान दान किए हैं। कुछ परिवारों ने पशुधन भी दान किया है।
