कश्मीर में ईरान के युद्धविराम की खुशी, लोगों ने मनाया जश्न
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद कश्मीर में जश्न का माहौल है। लोग इसे ईरान की जीत मानते हैं और सड़कों पर उतरकर खुशी का इजहार कर रहे हैं। इस जश्न में ईरानी झंडे लहराए जा रहे हैं और कश्मीरी कहवा बांटा जा रहा है। कश्मीर और ईरान के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं, जिससे यह जश्न और भी खास बन गया है। जानें इस जश्न के पीछे की पूरी कहानी।
| Apr 8, 2026, 15:10 IST
कश्मीर में जश्न का माहौल
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में जश्न का माहौल है, जहां लोगों ने इसे ईरान की "जीत" के रूप में मनाया है। विशेष रूप से शिया बहुल क्षेत्रों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। श्रीनगर के सैदाकदल और जदीबल क्षेत्रों के साथ-साथ बडगाम, बारामूला, गांदरबल, पुलवामा और बांदीपोरा जिलों में भी जश्न का आयोजन किया गया है।
ईरानी झंडे लहराते हुए लोगों ने युद्धविराम की घोषणा पर खुशी व्यक्त की और पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। इस अवसर पर कश्मीरी कहवा भी बांटा गया। स्थानीय लोगों ने इस युद्धविराम को अमेरिका और इजराइल पर ईरान की "जीत" बताया। एक व्यक्ति ने कहा, "यह युद्धविराम ईरान के लिए एक बड़ी जीत है। उन्होंने अमेरिका और इजराइल को झुकने पर मजबूर कर दिया है। आज हम इस जीत का जश्न मना रहे हैं।" कश्मीरी नेताओं ने भी इस संघर्षविराम का स्वागत किया और सवाल उठाया कि इस युद्ध से अमेरिका को क्या लाभ हुआ है?
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इससे पहले, ईरान के समर्थन में कश्मीर में बड़े पैमाने पर धन जुटाने के कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिसमें लोगों ने ईरान के नागरिकों की सहायता के लिए पैसे और अन्य कीमती सामान दान किए थे। कश्मीर और ईरान के बीच गहरे सांस्कृतिक, भाषाई और धार्मिक संबंध हैं, जिसके कारण कश्मीर को अक्सर 'ईरान-ए-सगीर' (छोटा ईरान) कहा जाता है।
