कर्नाटक में मूसलधार बारिश से जनजीवन प्रभावित
तटीय कर्नाटक में भारी बारिश का असर
मंगलुरु (कर्नाटक) में चार अगस्त को हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। उडुपी जिले के कुडांपुर तालुक के हकलाडी में पिछले 24 घंटों में 189 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
कर्नाटक राज्य आपदा निगरानी केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, अरब सागर और पश्चिमी घाट क्षेत्र में दक्षिणपश्चिम मानसून की सक्रियता के कारण इस पूरे तटीय क्षेत्र में भारी बारिश हुई। दक्षिण कन्नड़ जिले में उप्पीनांगडी में 122.8 मिमी और बेलथांगडी में 100.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, धर्मस्थल में 76.2 मिमी, मूडबिदरी में 74.4 मिमी, बंतवाल में 274 मिमी और मंगलुरु में 23.6 मिमी वर्षा हुई।
उत्तर कन्नड़ जिले में जोइडा में 148.6 मिमी, जागलबेट में 67 मिमी, गेरसोप्पा में 46.2 मिमी और किरावट्टी में 32.4 मिमी वर्षा हुई। इस क्षेत्र में व्यापक वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलजमाव हो गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नेत्रावती और उसकी सहायक नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। तटीय जिलों के प्रशासन ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय आपात मोचन दलों को भूस्खलन और बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए ‘हाई अलर्ट’ पर रखा है। इसके साथ ही, मछुआरों को खराब मौसम के कारण अरब सागर में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
