कर्नाटक में भाजपा नेताओं का कावेरी जल विवाद पर प्रदर्शन, हिरासत में लिए गए
भाजपा का कावेरी जल विवाद पर विरोध प्रदर्शन
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र सहित कई नेताओं को शुक्रवार को कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु की ओर छोड़ने के खिलाफ कृष्णराज सागर (केआरएस) बांध के घेराव के दौरान हिरासत में लिया गया। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार यह सुनिश्चित नहीं करती कि कावेरी का पानी तमिलनाडु की ओर नहीं जाएगा, तो पार्टी दो अगस्त को मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार द्वारा आयोजित सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार करेगी।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है और कर्नाटक के अधिकारों की रक्षा करने में असफल रही है। उन्होंने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के आदेश का विरोध किया, जिसमें तमिलनाडु को 15 दिनों तक प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया था। कर्नाटक ने इस बार मानसून की बारिश की कमी और सूखे की स्थिति का हवाला दिया था।
विजयेंद्र के साथ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलावादी नारायणस्वामी और विधान परिषद के सदस्य सी. सी. टी. रवि को भी हिरासत में लिया गया। मार्च से पहले पार्टी नेताओं ने केआरएस बांध के पास धरना दिया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा और पूर्व सांसद सुमलता अंबरीश भी शामिल थे।
विजयेंद्र ने सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ऐसा लगता है कि वह किसानों को भूल गए हैं।" भाजपा नेता ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों के हितों की तुलना में राजनीति को अधिक महत्व दिया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री शिवकुमार से सवाल किया कि कावेरी का पानी छोड़ने के फैसले पर कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा क्यों नहीं की गई। विजयेंद्र ने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के आदेश के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाने के सरकार के निर्णय की भी आलोचना की।
