कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन: सिद्धारमैया का इस्तीफा, डी.के. शिवकुमार होंगे नए मुख्यमंत्री
कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव
कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। लंबे समय से चल रही नेतृत्व की खींचतान अब समाप्त हो गई है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। यह निर्णय गुरुवार शाम को बेंगलुरु लौटने के बाद आधिकारिक रूप से लिया गया। इससे पहले, सिद्धारमैया ने गुरुवार दोपहर बेंगलुरु के लोक भवन में राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को अपना इस्तीफा सौंपा था। आलाकमान के निर्देश के बाद आए इस इस्तीफे ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ चल रही सत्ता की जंग को समाप्त कर दिया है, जिससे नए नेतृत्व का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
डी.के. शिवकुमार का संभावित शपथ ग्रहण
सूत्रों के अनुसार, डी.के. शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री के रूप में 1 या 3 जून को शपथ लेने की संभावना है। सिद्धारमैया ने अपने उपमुख्यमंत्री का समर्थन किया है और सभी से उनके पक्ष में खड़े होने का आग्रह किया है। यह घोषणा उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों और विधायकों के साथ एक बैठक में की थी।
सिद्धारमैया का इस्तीफा और भविष्य की योजनाएं
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धारमैया ने कहा कि पार्टी आलाकमान ने उनसे इस्तीफा देने के लिए कहा था और उन्होंने राज्य के हित को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें राज्यसभा की सीट की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया। सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक की जनता ने उन्हें पांच साल के लिए चुना है और वे राज्य में रहकर उनकी सेवा करते रहेंगे।
दिल्ली में बदलाव की योजना
कर्नाटक में इस महत्वपूर्ण बदलाव की योजना मंगलवार को दिल्ली में बनाई गई थी। कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार को अचानक दिल्ली बुलाया था। पार्टी मुख्यालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला शामिल हुए थे। इस बैठक में पार्टी नेतृत्व ने सिद्धारमैया से कर्नाटक की कमान डी.के. शिवकुमार को सौंपने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। अब सभी की नजरें जून के पहले हफ्ते में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर हैं।
