कर्नाटक में नए मुख्यमंत्री की शपथ ग्रहण की तैयारी, मंत्री पद के लिए नामों पर चर्चा

कर्नाटक की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है, जब डीके शिवकुमार 3 जून को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इस अवसर पर लगभग 10 से 12 विधायकों के मंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है। कांग्रेस के शीर्ष नेता इस समारोह में शामिल होने के लिए बेंगलुरु पहुंचेंगे। शिवकुमार ने उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति से इनकार किया है, जबकि सिद्धारमैया ने कुछ नामों की सिफारिश की है। जानें इस सियासी घटनाक्रम के बारे में और अधिक जानकारी।
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कर्नाटक में सियासी बदलाव की तैयारी

कर्नाटक की राजनीति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कांग्रेस के प्रमुख नेता डीके शिवकुमार 3 जून को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए तैयार हैं। सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में लगभग 10 से 12 विधायकों के मंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है। बेंगलुरु के लोक भवन में इस भव्य समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कई प्रमुख नेता बेंगलुरु पहुंचने की उम्मीद है।


कांग्रेस नेतृत्व की बैठक

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, KC वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला की एक बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई। हालांकि, खबरों के अनुसार, शिवकुमार ने पार्टी नेतृत्व को सूचित किया है कि वह अपनी सरकार में किसी उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति नहीं चाहते हैं। इस पर अंतिम निर्णय राहुल गांधी द्वारा लिया जाएगा।


उपमुख्यमंत्री पद के लिए नामों की सिफारिश

सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने उपमुख्यमंत्री पद के लिए तीन नेताओं के नाम सुझाए हैं: दलित समुदाय से G परमेश्वर, लिंगायत समुदाय से MB पाटिल, और मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले ज़मीर अहमद खान। हालांकि, ज़मीर अहमद खान पर दावणगेरे उपचुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ काम करने के आरोप लगे हैं। हाल ही में लीक हुई एक ऑडियो क्लिप ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है।


सिद्धारमैया की कैबिनेट में वफादारों की शामिल होने की संभावना

सिद्धारमैया के बेटे, यतींद्र सिद्धारमैया को कैबिनेट में शामिल किए जाने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने अपने कई करीबी सहयोगियों को शामिल करने का अनुरोध किया है, जिनमें ज़मीर अहमद खान, एच. सी. महादेवप्पा, संतोष लाड, बसवराज रायरेड्डी, वेंकटेश, बी. सुरेश, पुत्तरंगाशेट्टी और बी. के. हरिप्रसाद शामिल हैं। कांग्रेस आलाकमान से उम्मीद है कि वह शिवकुमार के साथ विचार-विमर्श के बाद इन नामों पर अंतिम निर्णय लेगा।


मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं

मंत्रिमंडल विस्तार के पहले चरण में जिन नेताओं को शामिल किए जाने की संभावना है, उनमें यतींद्र सिद्धारमैया, जी परमेश्वर, के.जे. जॉर्ज, रामलिंगा रेड्डी, प्रियंक खड़गे, एम.बी. पाटिल, ईश्वर खंड्रे, कृष्णा बायरे गौड़ा, लक्ष्मी हेब्बालकर, बी. सुरेश, सतीश जारकीहोली और ज़मीर अहमद खान शामिल हैं। यदि सतीश जारकीहोली कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने के लिए सहमत हो जाते हैं, तो उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में, बी.के. हरिप्रसाद को समायोजित किया जा सकता है।