कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार पर असंतोष: मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता विधायकों से मिले

कर्नाटक में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद असंतोष बढ़ गया है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने असंतुष्ट विधायकों से मुलाकात की है। इस दौरान कुछ विधायकों ने इस्तीफे वापस लिए हैं, जबकि अन्य ने पार्टी के भीतर मतभेदों को सुलझाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। क्या कांग्रेस इस असंतोष को दूर कर पाएगी? जानिए पूरी कहानी में।
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कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद असंतोष

(तस्वीरों के साथ) बेंगलुरु, 5 अगस्त - हाल ही में कर्नाटक में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के चलते उठे असंतोष के बीच, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को असंतुष्ट विधायकों से बातचीत की। यह माना जा रहा है कि जिन विधायकों को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला, उनके समर्थकों के विरोध के चलते पार्टी ने यह कदम उठाया। कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद और अन्य मंत्रियों ने भी असंतुष्ट विधायकों को मनाने की कोशिश की थी।


विधायकों की बैठक और इस्तीफे की वापसी

सोमवार को हुए कैबिनेट विस्तार में 19 मंत्रियों को शामिल किया गया था, लेकिन जिन वरिष्ठ विधायकों को जगह नहीं मिली, उन्होंने अपने भविष्य के कदमों पर चर्चा करने के लिए जल्द ही मिलने का निर्णय लिया। इस पहल का असर दिखा, जब इंडी के विधायक यशवंतरायगौड़ा वी. पाटिल ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। उन्होंने विधानसभा सचिव को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा वापस लेने का निर्णय लिया।


मुख्यमंत्री की चेतावनी और विधायकों की नाराजगी

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री और कुछ मंत्रियों के मनाने के बाद पाटिल ने यह कदम उठाया। मंत्रिमंडल में स्थान न मिलने के कारण अन्य नाराज विधायकों ने भी इस्तीफा देने की धमकी दी थी। शिवकुमार ने मंगलवार को चेतावनी दी कि पार्टी उनके इस्तीफे को तुरंत स्वीकार कर लेगी। उन्होंने नाराज विधायकों से धैर्य रखने की अपील की और बताया कि राज्य सरकार के बोर्ड और निगमों में जल्द ही पद भरे जाएंगे।


सुलह की कोशिशें और पार्टी के भीतर मतभेद

गुब्बी के विधायक एस.आर. श्रीनिवास, जिन्होंने मंत्री न बनाए जाने पर नाराजगी जताई थी, बुधवार को शिवकुमार से मिलने के बाद सुलह के मूड में दिखे। उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी जनता दल (सेक्युलर) के नेता एच.डी. कुमारस्वामी की भी प्रशंसा की। मंत्रियों के एक समूह ने वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री टी.बी. जयचंद्र तथा बेंगलुरु के विधायक एम. कृष्णप्पा से मुलाकात की, ताकि उन्हें मनाया जा सके।


आलाकमान से नाराजगी और संभावित बैठक

बाद में, मुख्यमंत्री और सुरजेवाला ने कृष्णप्पा के घर जाकर उनसे बातचीत की। हरिप्रसाद ने अन्य वरिष्ठ विधायकों के घरों का दौरा किया। जयचंद्र ने कहा, "मतभेद तो हैं, लेकिन उन्हें पार्टी के भीतर ही सुलझाया जाना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि आलाकमान और मुख्यमंत्री इस पर ध्यान देंगे।"


सिद्धरमैया की नाराजगी

कर्नाटक मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत कुल 34 सदस्य हो सकते हैं, और हालिया विस्तार के बाद भी एक पद खाली है। सूत्रों के अनुसार, सुरजेवाला की सिद्धरमैया से मुलाकात की संभावना है। पार्टी के हलकों में चर्चा है कि पूर्व मुख्यमंत्री इस बात से नाराज हैं कि कैबिनेट विस्तार के दौरान आलाकमान ने उनकी सिफारिशों को नजरअंदाज किया।