कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग को दी सख्त चेतावनी

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आबकारी विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि उन्हें ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए जो सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो अधिकारियों को अन्य विभागों में स्थानांतरित किया जा सकता है। शिवकुमार ने पेशेवर रवैये को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि विभाग के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पड़ोसी राज्यों के अनुभवों का अध्ययन किया जाना चाहिए।
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मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में निर्देश

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 26 जून को आबकारी विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी कि उन्हें ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए जो सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो उन्हें अन्य विभागों में स्थानांतरित करने के लिए कानूनी उपाय किए जा सकते हैं। विधान सौधा में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान, शिवकुमार ने कहा कि यदि आप सम्मान के साथ कार्य करते हैं, तो सरकार का सम्मान भी बढ़ता है। लेकिन यदि आप ऐसा कुछ करते हैं जिससे सरकार की प्रतिष्ठा को हानि होती है, तो हम इसे चुपचाप नहीं देखेंगे।


आबकारी विभाग के कर्मचारियों के स्थानांतरण पर विचार

शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि यह न समझें कि आबकारी विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों का अन्य विभागों में स्थानांतरण नहीं किया जा सकता। आवश्यकता पड़ने पर, स्थानांतरण के लिए आवश्यक कानूनी बदलाव भी किए जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को सावधानी से कार्य करने के निर्देश दिए और कहा कि वह किसी भी ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे जो सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाए। उन्होंने बताया कि विभाग में AIB सिस्टम लागू होने के बाद से अपेक्षित प्रगति हुई है और 574 नए लाइसेंस ई-ऑक्शन के लिए रखे जाने का निर्णय लिया गया है। लाइसेंस नवीनीकरण की राशि दो किश्तों में चुकाने की सुविधा भी दी जाएगी।


पड़ोसी राज्यों के अनुभवों का अध्ययन

शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने पड़ोसी राज्यों के आबकारी विभागों की रिपोर्ट का अध्ययन किया है और अधिकारियों से विभाग के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह देखना चाहिए कि पड़ोसी राज्यों में यह विभाग कैसे कार्य कर रहा है। यदि आप सम्मान के साथ कार्य करेंगे, तो विभाग का सम्मान बना रहेगा, और इससे सरकार का सम्मान भी बढ़ेगा। उन्होंने पेशेवर रवैये को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, अन्यथा सख्त कार्रवाई करनी पड़ेगी।