कर्नाटक के धर्मस्थल में सफाई कर्मचारी का चौंकाने वाला खुलासा

कर्नाटक के धर्मस्थल मंदिर में एक सफाई कर्मचारी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसमें उसने सैकड़ों लाशों को ठिकाने लगाने का दावा किया है। उसकी गवाही में बताया गया है कि इनमें ज्यादातर महिलाएं और लड़कियां थीं, जिनका बलात्कार के बाद हत्या की गई। उसने पुलिस को अपनी शिकायत दी और कुछ शवों की हड्डियों की तस्वीरें भी सौंपी। यह मामला पहले भी उठ चुके आरोपों से जुड़ा है, जिसमें प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता का जिक्र है। जानिए इस मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे की सच्चाई।
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कर्नाटक के धर्मस्थल में सफाई कर्मचारी का चौंकाने वाला खुलासा gyanhigyan

धर्मस्थल मंदिर में भयानक खुलासा

कर्नाटक के धर्मस्थल में सफाई कर्मचारी का चौंकाने वाला खुलासा


धर्मस्थल: कर्नाटक के धर्मस्थल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक व्यक्ति, जिसने 19 वर्षों तक मंदिर में सफाई कर्मचारी के रूप में काम किया, ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया है। उसने कहा कि उसने सैकड़ों लाशों को ठिकाने लगाया है, जिनमें अधिकतर महिलाएं और लड़कियां शामिल थीं, जिनका बलात्कार के बाद हत्या की गई थी। आइए जानते हैं इस मामले की पूरी कहानी।


3 जुलाई 2025 को धर्मस्थल पुलिस स्टेशन में एक पूर्व सफाई कर्मचारी ने एक शिकायत दर्ज कराई, जिसने सबको चौंका दिया। उसने बताया कि वह 1995 से 2014 तक मंदिर प्रशासन के लिए काम करता रहा और उसे 1998 से 2014 के बीच सैकड़ों शवों को दफनाने या जलाने के लिए मजबूर किया गया। इनमें ज्यादातर महिलाएं और नाबालिग लड़कियां थीं, जिनके शरीर पर यौन उत्पीड़न और हिंसा के निशान थे। उसने कहा कि कई शव बिना कपड़ों के थे और कुछ पर गला घोंटने या तेज धारदार हथियारों से चोट के निशान थे।


भयावह घटनाएं:
सफाई कर्मचारी ने अपनी शिकायत में कुछ भयावह घटनाओं का जिक्र किया। उसने बताया कि 2010 में उसे एक 12-15 साल की स्कूल गर्ल का शव दफनाने के लिए कहा गया, जो स्कूल यूनिफॉर्म में थी लेकिन उसकी स्कर्ट और अंडरगारमेंट्स गायब थे। उसके शरीर पर यौन उत्पीड़न और गला घोंटने के निशान थे। एक अन्य घटना में, उसे एक 20 साल की युवती का शव जलाने का आदेश दिया गया, जिसका चेहरा तेजाब से जल गया था।


धमकियों का सामना:
उसने अपनी शिकायत में बताया कि उसे बार-बार धमकियां दी जाती थीं। उसके सुपरवाइजर ने कहा, 'अगर तुमने मना किया तो तुम्हें टुकड़े-टुकड़े कर देंगे।' डर के मारे वह चुपचाप आदेश मानता रहा। लेकिन 2014 में जब उसकी अपनी परिवार की एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न हुआ, तो वह धर्मस्थल छोड़कर पड़ोसी राज्यों में छिप गया।


सच का सामना:
2025 में, उसने हिम्मत जुटाई और वापस लौटा। उसने पुलिस को अपनी शिकायत दी और कुछ शवों की हड्डियों की तस्वीरें भी सौंपी। उसने लिखा, 'अगर इन शवों को सम्मानजनक अंतिम संस्कार मिले तो मेरे मन का बोझ कम होगा।' उसने यह भी कहा कि वह और भी दफन स्थानों की पहचान कर सकता है और अपराधियों के नाम बता सकता है।


धर्मस्थल मंदिर का प्रशासन:
धर्मस्थल कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। यह मंदिर जैन समुदाय के पास है और इसके प्रशासक वीरेंद्र हेगड़े हैं। सफाई कर्मचारी ने दावा किया कि कुछ अपराधी मंदिर प्रशासन से जुड़े हैं।


पुलिस की निष्क्रियता:
धर्मस्थल में इस तरह के आरोप पहली बार नहीं उठे हैं। 2012 में 17 साल की सौजन्या के साथ बलात्कार और हत्या का मामला सामने आया था। इस मामले की जांच के लिए बनी विशेष जांच टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।


गवाही का महत्व:
सफाई कर्मचारी की गवाही के बाद 4 जुलाई को पुलिस ने मामला दर्ज किया। 13 जुलाई को, उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए पूरी तरह से ढक कर जज के सामने गवाही दी। कर्नाटक राज्य महिला आयोग की प्रमुख ने भी पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं।