कर्नाटक के गृह मंत्री ने भाजपा पर आरएसएस के इशारों पर चलने का आरोप लगाया

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने भाजपा पर आरएसएस के इशारों पर चलने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा हमेशा बचाव की मुद्रा में रहती है। खड़गे ने यह भी पूछा कि आरएसएस किस संविधान को मानता है और तिरंगा फहराने में इतना समय क्यों लगा। जानें इस विवाद के पीछे की सच्चाई और भाजपा की प्रतिक्रिया।
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भाजपा की आलोचना

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने हाल ही में भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि यह पार्टी केवल आरएसएस के निर्देशों पर कार्य करती है। खड़गे और आरएसएस के बीच संवैधानिक और वित्तीय नियमों के पालन को लेकर विवाद चल रहा है। उन्होंने X पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि जब भी आरएसएस पर सवाल उठाए जाते हैं, भाजपा अपनी संयम खो देती है और पलटवार करती है।


खड़गे ने यह सवाल उठाया कि जिस संगठन ने स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं दिया, वह आज देशभक्ति का पाठ क्यों पढ़ाता है? उन्होंने यह भी पूछा कि नागपुर में आरएसएस मुख्यालय पर तिरंगा फहराने में 52 साल क्यों लगे। उनके अनुसार, भाजपा का रुख हमेशा बचावात्मक होता है।


आरएसएस की जांच पर भाजपा की प्रतिक्रिया

खड़गे ने कहा कि जब भी आरएसएस की जांच होती है, भाजपा घबरा जाती है और हमेशा बचाव की मुद्रा में आ जाती है। उन्होंने कई सवाल उठाए, जैसे कि एक ऐसा संगठन जो स्वतंत्रता संग्राम से दूर रहा, वह खुद को देशभक्ति का सबसे बड़ा समर्थक क्यों बताता है? और नागपुर में तिरंगा फहराने में इतना समय क्यों लगा?


उन्होंने यह भी पूछा कि आरएसएस वास्तव में किस संविधान को मानता है—बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा लिखित संविधान या वह संविधान जिसे वे खुद बनाना चाहते थे? इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस न तो खुद को रजिस्टर कराता है और न ही टैक्स भरता है।


भाजपा की भड़कने की प्रवृत्ति

खड़गे ने कहा कि जब भी आरएसएस पर सवाल उठाए जाते हैं, भाजपा भड़क जाती है। यदि आप पूछें कि जिस संगठन ने स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं दिया, वह अब देश को देशभक्ति का पाठ क्यों पढ़ाता है, तो भाजपा का रुख हमेशा आक्रामक होता है।


उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप आरएसएस से कहें कि वह अपनी बातों पर अमल करे, तो भाजपा फिर से भड़क जाती है। यह सब भाजपा और आरएसएस के बीच के संबंधों को स्पष्ट करता है।


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