कर्नल केसी मिश्र को मिला वेटरन्स एचीवर्स अवॉर्ड, जैविक कृषि में योगदान के लिए सम्मानित

बस्ती के कर्नल केसी मिश्र को लखनऊ में आयोजित एक समारोह में 'वेटरन्स एचीवर्स अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें उनके पिछले 25 वर्षों के पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के कार्यों के लिए दिया गया। कर्नल मिश्र ने 'राजेश्वरी मिश्र जैविक कृषि एवं बागवानी केंद्र' की स्थापना की है, जहाँ वे जैव विविधता और प्राकृतिक जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं। उनका प्रयास केवल खेती नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है, जो नई पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ने का कार्य करता है।
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कर्नल केसी मिश्र को मिला वेटरन्स एचीवर्स अवॉर्ड, जैविक कृषि में योगदान के लिए सम्मानित gyanhigyan

कर्नल केसी मिश्र का सम्मान

बस्ती: पर्यावरण संरक्षण और जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए बस्ती के प्रसिद्ध समाजसेवी कर्नल केसी मिश्र को लखनऊ में आयोजित एक भव्य समारोह में 'वेटरन्स एचीवर्स अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी द्वारा प्रदान किया गया। कर्नल मिश्र को यह सम्मान पिछले 25 वर्षों में पर्यावरण और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान के लिए दिया गया है।


कर्नल केसी मिश्र को मिला वेटरन्स एचीवर्स अवॉर्ड, जैविक कृषि में योगदान के लिए सम्मानित
बस्ती के कर्नल केसी मिश्र को थल सेनाध्यक्ष ने दिया वेटरन्स एचीवर्स अवॉर्ड,जैविक खेती के लिए हुए सम्मानित


कर्नल केसी मिश्र भारतीय सेना से कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने अपने अनुभव और सेवा भाव को समाज और प्रकृति के उत्थान में समर्पित कर दिया है। बस्ती शहर के फुटहिया चौराहे के निकट उन्होंने 'राजेश्वरी मिश्र जैविक कृषि एवं बागवानी केंद्र' की स्थापना की है, जो जैव विविधता और प्राकृतिक जीवनशैली का एक अद्भुत उदाहरण है। यहाँ विलुप्त प्रजातियों के अनाज, सब्जियाँ, फल और दुर्लभ फूलों का संग्रह देखने को मिलता है।


कर्नल मिश्र ने भीषण गर्मी और कठिन मौसम में कई दुर्लभ पौधों का संरक्षण कर यह साबित किया है कि प्रकृति प्रेम से असंभव कार्य संभव हो सकते हैं। वे बच्चों, शिक्षकों और युवाओं के लिए नियमित रूप से कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं, जिससे नई पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ा जा सके। फलों के मौसम में, वे बच्चों को बागवानी में आमंत्रित कर उन्हें फल तोड़ने का अनुभव देते हैं, ताकि वे भोजन के वास्तविक स्रोत को समझ सकें। कर्नल मिश्र का यह प्रयास केवल खेती नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है। इस सम्मान पर उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सीमाओं की सुरक्षा से नहीं, बल्कि एक स्वस्थ समाज और जागरूक पीढ़ी के निर्माण से भी होता है।