कब्ज से राहत पाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय: दूध, सेंधा नमक और इसबगोल का जादू

कब्ज एक आम पाचन समस्या है, जो कई कारणों से उत्पन्न होती है। इस लेख में, हम आयुर्वेदिक उपायों के बारे में जानेंगे, जिसमें दूध, सेंधा नमक और इसबगोल का संयोजन शामिल है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मिश्रण कब्ज से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। जानें कैसे यह सरल उपाय आपके पाचन तंत्र को सुधार सकता है और कब्ज की समस्या को जड़ से खत्म कर सकता है।
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कब्ज से राहत पाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय: दूध, सेंधा नमक और इसबगोल का जादू

कब्ज की समस्या और उसके कारण

कब्ज से राहत पाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय: दूध, सेंधा नमक और इसबगोल का जादू


कब्ज, जिसे कॉन्स्टिपेशन भी कहा जाता है, एक सामान्य पाचन समस्या है, जिसमें व्यक्ति को मल त्यागने में कठिनाई होती है या मल बहुत सख्त और सूखा होता है। यह समस्या कई कारणों से उत्पन्न हो सकती है, जैसे कि पानी की कमी, फाइबर की कमी वाली डाइट, लंबे समय तक बैठे रहना, तनाव, दवाइयों का प्रभाव और अनियमित दिनचर्या। भारत में, विशेष रूप से सर्दियों में, बड़ी संख्या में लोग इस समस्या से जूझते हैं, जब मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और पानी का सेवन भी कम हो जाता है। कब्ज केवल असहजता नहीं लाता, बल्कि लंबे समय तक रहने पर बवासीर, गैस, पेट दर्द और अपच जैसी समस्याओं का कारण भी बन सकता है।


कब्ज के उपचार के लिए प्रभावी उपाय

कब्ज के इलाज के लिए अनेक नुस्खे और दवाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश केवल कुछ समय के लिए राहत देती हैं। भारत में, कब्ज से परेशान लोगों के लिए कुछ प्रभावी उपाय अपनाना आवश्यक है।


आयुर्वेदिक और युनानी चिकित्सा के विशेषज्ञ डॉक्टर सलीम जैदी ने सुझाव दिया है कि यदि आप कब्ज से परेशान हैं, तो हर रात सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में एक चुटकी सेंधा नमक और एक चम्मच इसबगोल मिलाकर पिएं। यह मिश्रण पुराने से पुराने कब्ज का इलाज कर सकता है। विशेषज्ञ के अनुसार, इस सरल घरेलू नुस्खे का सेवन करने से अगले दिन बिना दर्द और मरोड़ के पेट पूरी तरह साफ हो सकता है।


दूध, सेंधा नमक और इसबगोल का संयोजन

कब्ज से राहत कैसे मिलेगी?


दूध, सेंधा नमक और इसबगोल का संयोजन कब्ज को दूर करने के लिए एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय माना जाता है। गर्म दूध आंतों को मुलायम और आरामदायक बनाता है, जिससे स्टूल आसानी से बाहर निकलता है। सेंधा नमक एक प्राकृतिक लैक्सेटिव की तरह कार्य करता है, जो आंतों में पानी खींचता है, जिससे स्टूल नरम हो जाता है। इसबगोल फाइबर का एक बेहतरीन स्रोत है, जो पेट में जाकर जेल जैसा रूप बनाता है। यह स्टूल का वॉल्यूम बढ़ाता है और उसे बिना दर्द के आसानी से पास करने में मदद करता है।


इन तीनों का मिश्रण पाचन तंत्र को शांत करता है और आंतों की गतिविधि को बढ़ाता है। नियमित सेवन से कब्ज की समस्या का जड़ से इलाज संभव है। विशेषज्ञ ने बताया कि इसे रात के खाने के 1 से 1.5 घंटे बाद और सोने से 30-45 मिनट पहले लेना चाहिए। ध्यान रखें कि दूध में नमक और इसबगोल मिलाकर तुरंत सेवन करें, वरना इसबगोल फूलकर जेल बन जाएगा।