कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए सही आटे की रोटी का चुनाव
कब्ज में क्या खाएं
गलत खानपान के कारण कब्ज की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह समस्या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी जन्म दे सकती है, जैसे कि बवासीर और कोलन कैंसर का खतरा। कब्ज को नियंत्रित करने और ठीक करने के लिए खानपान पर ध्यान देना आवश्यक है, विशेषकर उस आटे की रोटी पर जो आप खा रहे हैं।
दिल्ली सरकार के मुख्य आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. आर. पी पराशर के अनुसार, कब्ज की समस्या में गेहूं और मैदा का सेवन नहीं करना चाहिए। आपको केवल गेहूं की रोटी नहीं खानी है, बल्कि मैदा से बनी चीजों से भी बचना चाहिए। मिक्स आटे की रोटी, जैसे कि गेहूं के चोकर वाला आटा, अधिक फायदेमंद है। चोकर वाला गेहूं कब्ज के लिए लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा, जौ का आटा भी उपयोगी है, लेकिन ठंडे मौसम में जौ से बचना चाहिए। इस मौसम में बाजरे की रोटी खाना बेहतर है, क्योंकि बाजरा फाइबर का अच्छा स्रोत है और यह आंतों की समस्या को कम करता है।
मैदा से बनी चीजें क्यों नहीं खानी चाहिए?
डॉ. पराशर बताते हैं कि मैदा से बनी चीजें कब्ज के लिए हानिकारक होती हैं। मैदा में फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है, जिससे कब्ज की समस्या और बढ़ सकती है। इसलिए, पूड़ी, ब्रेड, फास्ट फूड और बन्स जैसी चीजों से दूर रहना चाहिए। कब्ज की स्थिति में, पानी का सेवन भी अधिक करना चाहिए, कम से कम 8 से 9 गिलास पानी पीना आवश्यक है।
यह भी ध्यान रखें कि रात को देर से खाना न खाएं। सोने से 2 घंटे पहले भोजन कर लेना चाहिए, क्योंकि देर रात का खाना कब्ज की समस्या को बढ़ा सकता है। रात में हल्का भोजन, जैसे सूप या दाल, करना बेहतर होता है।
अपनी डाइट में इन बातों का भी ध्यान रखें
सलाद, फल और हरी सब्जियां अपने आहार में शामिल करें।
केले से बचें और पपीता जरूर खाएं।
रोजाना हल्की वॉक या एक्सरसाइज करें।
सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पिएं।
