कब्ज और बालों के झड़ने का संबंध: जानें विशेषज्ञ की राय
कब्ज का बालों पर प्रभाव
बालों के झड़ने का एक महत्वपूर्ण कारण कब्ज भी हो सकता है। स्किन स्किनक्योर के संस्थापक और त्वचा एवं बाल प्रत्यारोपण विशेषज्ञ, डॉक्टर बीएल जांगिड़ के अनुसार, पेट की सेहत का सीधा संबंध हमारे बालों से होता है। बढ़ते प्रदूषण, धूल और तेज धूप के कारण बाल कमजोर हो जाते हैं। यह जानना आवश्यक है कि गट हेल्थ का बालों पर क्या प्रभाव पड़ता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि लगभग 22 प्रतिशत भारतीय बिगड़ी हुई गट हेल्थ का सामना कर रहे हैं, विशेषकर मेट्रो शहरों में।
गट हेल्थ के बिगड़ने के लक्षण
गट हेल्थ में खराबी के लक्षणों में भारीपन, कब्ज, अपच और ब्लोटिंग शामिल हैं। यदि इस स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) का कारण बन सकती है।
कब्ज और बालों की सेहत
डॉक्टर बीएल जांगिड़ के अनुसार, कब्ज या अन्य क्रॉनिक गट समस्याएं बालों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। कब्ज के कारण पोषक तत्वों का अवशोषण कम हो जाता है, जिससे शरीर में पोषण की कमी हो सकती है। यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो बालों का झड़ना शुरू हो सकता है।
तनाव का प्रभाव
दूसरी ओर, तनाव भी बालों के झड़ने का एक बड़ा कारण है। यदि शरीर में कोई शारीरिक या मानसिक बीमारी है, तो तनाव बढ़ता है, जो बालों के तेजी से गिरने का कारण बन सकता है। यदि गट हेल्थ खराब है या कोई क्रॉनिक बीमारी है, तो इसका असर बालों पर भी पड़ता है, जिससे वे रूखे और बेजान दिखने लगते हैं।
बालों को स्वस्थ रखने के उपाय
बालों को घना और काला बनाने के लिए सही खानपान बेहद जरूरी है। डाइट में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं। खीरा, टमाटर, अंडा और पनीर जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें। इसके अलावा, विटामिन सी, डी और बी12 की कमी न होने दें। विटामिन बी12 का प्रमुख स्रोत नॉनवेज फूड है, लेकिन शाकाहारी लोग फोर्टिफाइड फूड्स के माध्यम से इसकी कमी को पूरा कर सकते हैं।
हाइड्रेशन का महत्व
पेट को स्वस्थ रखने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना आवश्यक है। गर्मियों में, दिन में 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए। इसके साथ ही, हाइड्रेटिंग फूड्स जैसे फल और सब्जियों का सेवन करें। तरबूज और खरबूजा जैसे गर्मी के फल पानी की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।
