कफ सिरप खरीदने के लिए अब डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक नई अधिसूचना जारी की है, जिसके अनुसार कफ सिरप सहित सभी सिरप की खरीद के लिए डॉक्टर की पर्ची दिखाना अनिवार्य होगा। यह निर्णय खराब गुणवत्ता वाली खांसी की दवाओं से हुई मौतों के बाद लिया गया है। अब ग्राहकों को सिरप खरीदने के लिए रजिस्टर्ड डॉक्टर द्वारा लिखी गई वैध पर्ची प्रस्तुत करनी होगी। इस बदलाव का खांसी और अन्य औषधीय सिरप की बिक्री पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है।
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कफ सिरप खरीदने के लिए अब डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य gyanhigyan

कफ सिरप पर नई नियमावली

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक नई अधिसूचना जारी की है, जिसके अनुसार देशभर की फार्मेसियों में कफ सिरप सहित किसी भी प्रकार के सिरप की खरीद के लिए ग्राहकों को डॉक्टर की पर्ची दिखाना आवश्यक होगा। इस अधिसूचना के लागू होने के बाद, ये दवाएं अब बिना डॉक्टर की पर्ची के उपलब्ध नहीं होंगी। ग्राहकों को सिरप खरीदने के लिए एक रजिस्टर्ड डॉक्टर द्वारा लिखी गई वैध पर्ची प्रस्तुत करनी होगी। यह अधिसूचना 9 जून, 2026 को प्रभावी होगी और इसे पिछले साल दिसंबर में जारी किए गए एक ड्राफ्ट प्रस्ताव पर जनता की राय के आधार पर जारी किया गया है। इस बदलाव के तहत, सरकार ने ड्रग्स रूल्स के शेड्यूल K से "सिरप" शब्द को हटा दिया है। इससे सिरप की बिना पर्ची वाली बिक्री समाप्त हो जाएगी और उन्हें अधिक सख्त नियामक नियमों के अधीन लाया जाएगा।


नियमों में संशोधन

इस अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 12 और 33 के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन किया है। अधिसूचना में कहा गया है कि इन नियमों को "ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026" कहा जाएगा और यह भी उल्लेख किया गया है कि ये नियम आधिकारिक गजट में प्रकाशित होने की तारीख से लागू होंगे।


खांसी की दवाओं से जुड़ी चिंताएं

यह निर्णय मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई बच्चों की मौत के मामलों के बाद लिया गया है, जिनका संबंध खराब गुणवत्ता वाली खांसी की दवाओं से था। इन घटनाओं ने लिक्विड दवाओं की सुरक्षा और नियामक निगरानी को लेकर चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है। इसके परिणामस्वरूप सिरप वाली दवाओं के निर्माण, वितरण और बिक्री की प्रक्रिया में गुणवत्ता की सख्त जांच और नियंत्रण की मांग उठी है।


ग्राहकों पर प्रभाव

इस नए नियामक बदलाव का अर्थ है कि खांसी की सामान्य दवाओं सहित सभी सिरप अब बिना डॉक्टर की सलाह या पर्चे के सीधे नहीं मिल सकेंगे। ग्राहकों को फार्मेसी से ऐसी दवाएं खरीदने के लिए रजिस्टर्ड डॉक्टर द्वारा लिखी गई वैध पर्ची दिखानी होगी। इस निर्णय का खांसी और अन्य औषधीय सिरप की सामान्य बिक्री पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है, जो पहले बिना पर्ची के आसानी से उपलब्ध थीं।