कन्नौज जेल से दो कैदियों का फिल्मी अंदाज में फरार होना, सुरक्षा पर उठे सवाल
कन्नौज जिला कारागार से दो कैदियों का फिल्मी अंदाज में फरार होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। चादरों से रस्सी बनाकर भागने वाले कैदियों की पहचान हो चुकी है। प्रशासन ने उनकी तलाश के लिए टीमें गठित की हैं। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और प्रशासन की कार्रवाई के बारे में।
| Jan 5, 2026, 18:01 IST
कन्नौज जेल से कैदियों का भागना
कन्नौज जिला कारागार से कैदियों का फरार होना
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले की जेल से दो कैदी एक चौंकाने वाली घटना में फरार हो गए हैं। इन कैदियों ने चादरों को जोड़कर रस्सी बनाई और जेल की ऊंची दीवार से कूदकर भाग निकले। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने फरार कैदियों की खोज शुरू कर दी है। एक कैदी चोरी के मामले में बंद था, जबकि दूसरा पॉक्सो एक्ट के आरोप में जेल में था।
जानकारी के अनुसार, कन्नौज के अनौगी क्षेत्र में स्थित जिला कारागार में इन कैदियों ने पहले जेल की सुरक्षा को चकमा देते हुए भागने की योजना बनाई। इस दौरान पुलिस को उनकी योजना की भनक तक नहीं लगी। फरार कैदी की पहचान अंकित पुत्र प्रेमचंद के रूप में हुई है, जो तालग्राम हजरापुर का निवासी है।
दूसरे फरार कैदी की पहचान
दूसरे कैदी का नाम डिंपी उर्फ शिवा है, जो ठठिया थाना क्षेत्र के मलगवा का रहने वाला है। वह पॉक्सो एक्ट के मामले में बंद था। बताया जा रहा है कि दोनों ने जेल में दी जाने वाली चादरों को जोड़कर एक मजबूत रस्सी बनाई और इसी के सहारे जेल की दीवार फांदकर भाग गए।
जैसे ही घटना की जानकारी मिली, जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने तुरंत जेल का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने बताया कि फरार कैदियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं और सघन अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने जेल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जांच तेज कर दी है। जिले की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें फरार कैदियों के बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
यह घटना एक बार फिर जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन फरार कैदियों को कितनी जल्दी पकड़ पाता है और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।
