कनकपुरा स्टेशन पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य से प्रभावित रेल यातायात
कनकपुरा स्टेशन यार्ड पर चल रहे नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण रेल यातायात पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। इस कार्य के चलते कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है, जिसमें रद्दीकरण, मार्ग परिवर्तन और समय में बदलाव शामिल हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच करें और वैकल्पिक यात्रा योजनाएं बनाएं। इस कार्य का उद्देश्य भविष्य में ट्रेनों की सुरक्षा और गति में सुधार करना है, लेकिन इसके कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
| Mar 7, 2026, 17:51 IST
कनकपुरा स्टेशन यार्ड में चल रहे कार्य का प्रभाव
उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल में कनकपुरा स्टेशन यार्ड पर नॉन-इंटरलॉकिंग तकनीकी कार्य चल रहा है, जिसके कारण रेल यातायात पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। यह कार्य सिग्नलिंग सिस्टम को उन्नत करने और ट्रैक तथा इंटरलॉकिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है, जिससे भविष्य में ट्रेनों की सुरक्षा और गति में सुधार होगा। हालांकि, इस दौरान कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है, जिसमें रद्दीकरण, मार्ग परिवर्तन, आंशिक रद्दीकरण और समय में बदलाव शामिल हैं।
कार्य का मुख्य कारण और प्रभाव
- कनकपुरा यार्ड जयपुर के निकट स्थित है और यहां से गुजरने वाली मुख्य लाइनों पर कार्य चल रहा है।
- नॉन-इंटरलॉकिंग का अर्थ है कि पुरानी सिग्नलिंग व्यवस्था को अस्थायी रूप से बंद करके नई व्यवस्था स्थापित की जा रही है, जिससे यार्ड में ट्रेनों का मूवमेंट सीमित हो जाता है।
- इससे जयपुर-फुलेरा-जोधपुर, जयपुर-दिल्ली, उदयपुर-जयपुर-दिल्ली जैसे प्रमुख रूट प्रभावित हो रहे हैं।
- यह कार्य मुख्य रूप से मार्च 2026 तक जारी रहेगा (कुछ रिपोर्टों में मई का भी उल्लेख है, लेकिन वर्तमान में यह कार्य चल रहा है)।
ट्रेनों पर असर की प्रमुख बातें
- कई ट्रेनें रद्द की गई हैं, कुछ दिनों के लिए पूर्ण या आंशिक रूप से।
- दर्जनों ट्रेनों का मार्ग बदला गया है, विशेषकर रींगस-रेवाड़ी (RPC रूट) से होकर।
- प्रभावित ट्रेनें अब नारनौल, नीमकाथाना, रींगस और कभी-कभी श्रीमाधोपुर पर रुक रही हैं।
- यह बदलाव हरियाणा के नारनौल क्षेत्र के यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है, क्योंकि पहले यहां न रुकने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें अब ठहराव दे रही हैं। इससे स्थानीय यात्रियों को जयपुर या रेवाड़ी तक जाने की आवश्यकता कम पड़ रही है।
कुछ प्रमुख उदाहरण (हालिया अपडेट्स के आधार पर)
- ट्रेन नंबर 12215 (दिल्ली सराय-बांद्रा टर्मिनस): कुछ ट्रिप्स में रूट बदला गया, रेवाड़ी-रींगस-फुलेरा से होकर चली, नारनौल, नीमकाथाना और रींगस पर ठहराव।
- ट्रेन नंबर 15013 (जैसलमेर-काठगोदाम): मार्ग परिवर्तन के साथ रींगस, नीमकाथाना और नारनौल पर रुकी।
- उदयपुर-जयपुर इंटरसिटी जैसी कुछ ट्रेनें अजमेर तक ही सीमित कर दी गईं।
- कुल मिलाकर 65+ ट्रेनें प्रभावित हुई हैं, जिनमें से 4 पूरी तरह रद्द और बाकी डायवर्ट/रेगुलेटेड हैं।
यात्रियों के लिए सलाह
- अपनी ट्रेन की लाइव स्थिति NTES ऐप, IRCTC वेबसाइट/ऐप, या 139 नंबर पर जांचें।
- वैकल्पिक रूट या बस/अन्य माध्यम से यात्रा की योजना बनाएं, खासकर अगर आप जयपुर-दिल्ली या जोधपुर रूट पर हैं।
- रेलवे ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद जताया है और कहा है कि यह कार्य सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
कुल मिलाकर फायदा और नुकसान
- नुकसान: लंबी दूरी की यात्रा में देरी, रद्दीकरण से प्लान बिगड़ना, भीड़ बढ़ना।
- फायदा: नारनौल, नीमकाथाना जैसे छोटे स्टेशनों पर बड़ी ट्रेनों का ठहराव, स्थानीय यात्रियों को नई सुविधा।
