कंबोडिया में मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश, एनआईए ने पांच लोगों के खिलाफ दायर किया आरोपपत्र

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कंबोडिया में मानव तस्करी और साइबर गुलामी के रैकेट में शामिल पांच व्यक्तियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। इस रैकेट में भारतीय युवाओं को फर्जी नौकरी के लालच देकर विदेश भेजा गया और उनके साथ क्रूरता की गई। एनआईए ने इस मामले में प्रमुख सरगना आनंद कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। जानें इस रैकेट के बारे में और क्या जानकारी मिली है।
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कंबोडिया में मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश, एनआईए ने पांच लोगों के खिलाफ दायर किया आरोपपत्र gyanhigyan

एनआईए की कार्रवाई

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर गुलामी के रैकेट में शामिल पांच व्यक्तियों के खिलाफ आरोपपत्र प्रस्तुत किया है। अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी दी कि इस रैकेट के तहत भारतीय युवाओं को फर्जी नौकरी के प्रलोभन देकर विदेश भेजा गया और उनके साथ क्रूरता की गई। पटना स्थित विशेष एनआईए अदालत में आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह और चार अन्य के खिलाफ यह आरोपपत्र दाखिल किया गया है। इन पर आरोप है कि वे एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं, जो भारतीय युवाओं को आकर्षक नौकरी और वेतन का लालच देकर कंबोडिया भेजता था। जांचकर्ताओं ने आनंद कुमार सिंह को इस रैकेट का मुख्य सरगना बताया है, जो भारत भर में एजेंटों और यात्रा दलालों के माध्यम से काम करता था और कंबोडिया में अपने सहयोगियों के साथ समन्वय स्थापित करता था। एनआईए के अनुसार, आरोपी पीड़ितों को दक्षिण-पूर्व एशियाई देश कंबोडिया ले जाकर उन्हें धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों को 2,000 से 3,000 अमेरिकी डॉलर प्रति व्यक्ति के हिसाब से बेच देता था। 


साइबर धोखाधड़ी का शिकार

एजेंसी ने बताया कि कंबोडिया पहुंचने के बाद इन युवकों को साइबर धोखाधड़ी के धंधों में धकेल दिया गया। उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए और विरोध करने पर उन्हें कथित तौर पर मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी गईं। जांचकर्ताओं ने बताया कि इस दुर्व्यवहार में बिजली के झटके देना, कैद करना और भोजन-पानी से वंचित रखना शामिल था। तीन आरोपियों, उत्तर प्रदेश के अभय नाथ दुबे और रोहित यादव, और बिहार के अभिरंजन कुमार को इस साल फरवरी में कंबोडिया से दिल्ली पहुंचने के बाद गिरफ्तार किया गया था। एक अन्य आरोपी, प्रहलाद कुमार सिंह, फिलहाल जमानत पर बाहर है। एनआईए ने बताया कि आरोपी संगठित मानव तस्करी गिरोह का हिस्सा थे, जो भारतीय युवाओं को विदेशों में वैध रोजगार का लालच देकर उन्हें कंबोडिया में चल रहे साइबर धोखाधड़ी केंद्रों में फंसाते थे। एजेंसी ने आगे कहा कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और साजिश के पूरे दायरे का पता लगाने के लिए जांच जारी है।