ओसामा बिन लादेन: आतंकवाद की दुनिया का सबसे कुख्यात चेहरा

ओसामा बिन लादेन, जिसे दुनिया का सबसे कुख्यात आतंकवादी माना जाता है, की कहानी एक भयावह यात्रा है। 1957 में जन्मे लादेन ने धार्मिक कट्टरपंथ के प्रभाव में आकर आतंकवाद की राह चुनी। अलकायदा की स्थापना से लेकर 9/11 हमले तक, उसकी गतिविधियों ने वैश्विक सुरक्षा को चुनौती दी। जानिए कैसे लादेन ने आतंकवाद की दुनिया में एक नया अध्याय लिखा और अंततः 2011 में एक विशेष ऑपरेशन में उसकी मृत्यु हुई।
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ओसामा बिन लादेन: आतंकवाद की दुनिया का सबसे कुख्यात चेहरा

ओसामा बिन लादेन का जीवन परिचय

ओसामा बिन लादेन: आतंकवाद की दुनिया का सबसे कुख्यात चेहरा


ओसामा बिन लादेन, जिसे दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादी के रूप में जाना जाता है, 9/11 हमले का मास्टरमाइंड था। यह नाम सुनते ही एक भयावह छवि सामने आती है। आइए जानते हैं इस आतंकवादी की कहानी।


ओसामा बिन लादेन की प्रारंभिक जिंदगी

ओसामा का जन्म 1957 में सऊदी अरब के जेद्दाह में हुआ था। उनके पिता, मोहम्मद बिन लादेन, एक प्रसिद्ध निर्माण व्यवसायी थे और सऊदी अरब के राजा फैजल के करीबी मित्र थे। लादेन ने अपनी शिक्षा के दौरान कट्टरपंथी विचारधाराओं से प्रभावित होना शुरू किया और 1988 में अलकायदा की स्थापना की।


आतंकवाद की ओर बढ़ता कदम

लादेन ने मुस्लिम कट्टरपंथी शेख अब्दुल्लाह आजम के विचारों से प्रेरित होकर आतंकवाद की राह चुनी। आजम का मानना था कि इस्लाम को अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहिए और इसके खिलाफ जिहाद छेड़ना चाहिए।


अलकायदा का उदय

1980 के दशक में, लादेन ने अफगानिस्तान में सोवियत संघ के खिलाफ मुजाहिदीन का समर्थन किया। उन्होंने 'द बेस' नामक एक समूह बनाया, जो बाद में अलकायदा के नाम से जाना गया।


अलकायदा का वैश्विक विस्तार

1989 में, लादेन ने सऊदी अरब लौटकर अपने संगठन को मजबूत करने के लिए फंड जुटाना शुरू किया। अलकायदा का मुख्यालय अफगानिस्तान में था और इसके सदस्य 35 से 60 देशों में फैले हुए थे।


मोस्ट वांटेड आतंकवादी का दर्जा

लादेन ने सूडान में अपने संगठन को मजबूत किया और कई आतंकवादी हमले किए, जिनमें 1993 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला शामिल था। 1998 में, अमेरिका ने लादेन को एम्बेसी हमलों के लिए दोषी ठहराया और उसके सिर पर 50 लाख डॉलर का इनाम रखा।


ओसामा बिन लादेन की मृत्यु

11 सितंबर 2001 को अलकायदा ने अमेरिका में बड़े हमले किए, जिसमें 3,000 से अधिक लोग मारे गए। इसके बाद, अमेरिका ने लादेन की तलाश में कई ऑपरेशन किए। अंततः, 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में एक विशेष ऑपरेशन में उसे मार गिराया गया।