ओडिशा में महानदी में बाढ़ की चेतावनी, हाई अलर्ट जारी
महानदी में बाढ़ की आशंका
ओडिशा सरकार ने महानदी नदी में 'मध्यम' बाढ़ की संभावनाओं को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि कटक के निकट मुंडाली बैराज पर लगभग नौ लाख क्यूसेक पानी बह रहा है, जिससे खुर्दा, कटक, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
बाढ़ की स्थिति और बचाव कार्य
पुजारी ने कहा कि कटक के आठगढ़ और बादंबा क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घुसने की सूचना मिली है। जिला कलेक्टर को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और बचाव दलों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग के मुख्य इंजीनियर दिलीप कुमार राउत ने बताया कि अगले 36 घंटे महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि महानदी में बाढ़ का जलप्रवाह अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है।
बाढ़ से प्रभावित लोग
पुजारी ने बताया कि बाढ़ से संबंधित घटनाओं में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। राउत ने कहा कि खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों में महानदी और उसकी सहायक नदियों के तटबंधों की सुरक्षा के लिए कर्मियों की तैनाती की गई है। मुंडाली बैराज पहले भी 10 से 12 लाख क्यूसेक तक के जलप्रवाह को संभाल चुका है।
सरकारी उपाय और राहत कार्य
अधिकारियों के अनुसार, बृहस्पतिवार शाम तक जलप्रवाह नौ लाख क्यूसेक से अधिक होने की संभावना है। इससे महानदी और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ का पानी आ सकता है। राउत ने कहा, 'हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी तटबंध में टूट-फूट न हो और मानव जीवन की कोई हानि न हो।' निचले इलाकों में जलभराव चिंता का विषय बना हुआ है।
राहत शिविर और बचाव दल
विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटी ने महानदी डेल्टा क्षेत्र के जिलों के कलेक्टर को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। हालिया बाढ़ से राज्य के 30 में से 20 जिलों के सात लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। लगभग 1.90 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर 520 राहत शिविरों में रखा गया है।
मुख्यमंत्री की अपील
दिल्ली में मौजूद ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सभी जिला कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने और प्रभावित लोगों को समय पर सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे बाढ़ की स्थिति को लेकर घबराएं नहीं, क्योंकि नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
