ओडिशा में पेंशन संकट: नवीन पटनायक ने उठाया गंभीर मुद्दा

ओडिशा के विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 18 लाख लाभार्थियों को पिछले तीन महीनों से पेंशन न मिलने की गंभीर समस्या उठाई है। उन्होंने इस स्थिति को राज्य के कमजोर नागरिकों के लिए संकटपूर्ण बताया और एक महिला पेंशनभोगी की मौत का भी उल्लेख किया। पटनायक ने पेंशन वितरण की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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ओडिशा में पेंशन संकट: नवीन पटनायक ने उठाया गंभीर मुद्दा gyanhigyan

पेंशन न मिलने से नागरिकों में चिंता

ओडिशा के विपक्ष के नेता और बीजू जनता दल (BJD) के प्रमुख नवीन पटनायक ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर राज्य के 18 लाख लाभार्थियों को पिछले तीन महीनों से पेंशन न मिलने की समस्या को उठाया। अपने पत्र में पटनायक ने बताया कि इस स्थिति ने ओडिशा के सबसे कमजोर नागरिकों को गंभीर संकट में डाल दिया है, जो अब कठिनाइयों, अभाव और भुखमरी के खतरे का सामना कर रहे हैं। उन्होंने गंजाम की एक महिला पेंशनभोगी की मौत का भी उल्लेख किया, जो कथित तौर पर पेंशन न मिलने के कारण हुई।


पेंशन वितरण की पारदर्शिता पर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पूरे ओडिशा में लगभग 18 लाख लाभार्थियों को पिछले तीन महीनों से पेंशन न मिलने पर गहरी चिंता और दुख के साथ यह पत्र लिख रहा हूँ। इनमें बुजुर्ग, विधवाएँ और दिव्यांग लोग शामिल हैं, जो अपनी दैनिक जरूरतों के लिए पूरी तरह से इस पेंशन पर निर्भर हैं। लगातार तीन महीनों तक इस आवश्यक सहायता के न मिलने से ये नागरिक गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। गंजाम के बेगुनियापाडा की श्रीमती सबित्री डोरा की पेंशन न मिलने के कारण मौत की खबर भी आई है। राज्य में ऐसे हालात स्वीकार्य नहीं हैं।


सॉफ्टवेयर समस्या का हवाला

BJD प्रमुख ने अपने कार्यकाल के दौरान हर महीने की 15 तारीख को पेंशन वितरण की पारदर्शी प्रक्रिया का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समस्या एक सॉफ्टवेयर से जुड़ी दिक्कत के कारण उत्पन्न हुई है। यह चिंताजनक है कि इतनी लंबी देरी तकनीकी समस्या के कारण हुई है। यह सरकार की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने जैसा है। पिछले 24 वर्षों में मेरी सरकार ने सुनिश्चित किया कि हर महीने की 15 तारीख को पेंशन नियमित रूप से वितरित की जाए, जिसे 'जन सेवा दिवस' के रूप में मनाया जाता था। लाभार्थियों को ग्राम पंचायत स्तर पर पारदर्शी तरीके से पेंशन मिलती थी।


मुख्यमंत्री से जवाबदेही की मांग

ओडिशा में विपक्ष के नेता ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार के 'नागरिक-केंद्रित' मॉडल की सुप्रीम कोर्ट ने भी सराहना की थी। उन्होंने कहा कि यह संकट केवल प्रक्रिया में चूक नहीं है, बल्कि शासन की गंभीर विफलता है। पटनायक ने मुख्यमंत्री माझी से इस समस्या के लिए जवाबदेही तय करने और इसे जल्द से जल्द हल करने की अपील की।