ओडिशा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर भाजपा और बीजद के बीच तीखी बहस
ओडिशा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना पर विवाद
भुवनेश्वर, 7 अगस्त - ओडिशा में एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) के बीच शुक्रवार को तीखी बयानबाजी हुई। यह मुद्दा बीजद द्वारा दो दिन पहले उठाया गया था, जब एक कॉरपोरेट समूह के प्रतिनिधियों ने राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा विभाग के प्रभारी के. वी. सिंह देव से मुलाकात की।
हालांकि, इस बैठक में चर्चा के विषय का विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। बीजद की वरिष्ठ महासचिव लेखाश्री सामंतसिंघार ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी राज्य सरकार के किसी भी ऐसे कदम का विरोध करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर कॉरपोरेट हितों के लिए काम कर रही है।
सामंतसिंघार ने कहा, 'ओडिशा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना से लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को गंभीर खतरा होगा।' उन्होंने यह भी दावा किया कि एक निजी कंपनी ने ओडिशा में 3,000 मेगावाट क्षमता का परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।
इस पर भाजपा ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि बीजद लोगों को 'परमाणु' शब्द के बारे में गुमराह कर रहा है। भाजपा की ओडिशा इकाई के प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने कहा, 'बीजद और कांग्रेस 'परमाणु' शब्द का दुरुपयोग कर रहे हैं।'
बिस्वाल ने यह भी पूछा, 'कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों से लोगों को क्या नुकसान हुआ है?' उन्होंने यह स्पष्ट किया कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का लोगों और उनकी सुरक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
