ओडिशा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के खिलाफ बीजद का विरोध

ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह कॉरपोरेट हितों के लिए लोगों की सुरक्षा से समझौता कर रही है। बीजद ने एक निजी कंपनी द्वारा प्रस्तावित 3,000 मेगावाट के परमाणु ऊर्जा संयंत्र के खिलाफ आवाज उठाई है, यह कहते हुए कि इससे लोगों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है। बीजद के नेता ने परमाणु ऊर्जा के इतिहास में हुई तबाहियों का जिक्र करते हुए लोगों के डर को भी उजागर किया। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
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बीजद का आरोप: लोगों की सुरक्षा से समझौता

भुवनेश्वर, 6 अगस्त: ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) ने राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर आरोप लगाया है कि वह कॉरपोरेट हितों के लिए लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल रही है। यह विरोध उस समय सामने आया जब एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि ने ओडिशा के उप मुख्यमंत्री के.वी. सिंह देव से मुलाकात की, जो ऊर्जा विभाग के प्रभारी भी हैं।


बीजद की वरिष्ठ महासचिव लेखाश्री सामंतसिंहर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ओडिशा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना से लोगों की सेहत और सुरक्षा को गंभीर खतरा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ‘डबल-इंजन सरकार’ का झुकाव निजी कंपनियों की ओर है, जिससे ओडिशा के निवासियों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। बीजद नेता ने बताया कि एक निजी कंपनी ने राज्य में 3,000 मेगावाट का परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने का प्रस्ताव रखा है।


उन्होंने आगे कहा, ‘‘परमाणु ऊर्जा के संदर्भ में लोगों में स्वाभाविक डर होता है। 1945 में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम हमले ने तबाही मचाई थी, और 1986 में चेरनोबिल में हुए विस्फोट ने भी गंभीर परिणाम दिए थे। इसी तरह, 2011 में फुकुशिमा में भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हुई थी।’’ हालांकि, सरकार ने बीजद के इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।