ओडिशा में गौ-तस्करी के खिलाफ पुलिस का बड़ा अभियान
पुलिस की कार्रवाई
ओडिशा में पुलिस ने गौ-तस्करी के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू किया है। डीआईजी पिनाक मिश्रा ने बताया कि मवेशी चोरी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह संयुक्त अभियान चलाया गया। अब तक 32 स्थानों पर छापेमारी की गई है, जिसमें 50 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई है।
छापेमारी की जानकारी
पुलिस ने ओडिशा के उत्तर और पूर्वी क्षेत्रों में बालेश्वर, भद्रक और मयूरभंज जिलों में कई स्थानों पर छापे मारे हैं। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और हथियार भी जब्त किए गए हैं। डीआईजी पिनाक मिश्रा के नेतृत्व में यह अभियान चल रहा है, जिसमें 36 स्थानों को चिन्हित किया गया था।
गिरोह की गतिविधियाँ
पुलिस ने गौ-तस्करी में इस्तेमाल होने वाले कई वाहनों को भी जब्त किया है। इन वाहनों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके अलावा, कुछ ठिकानों से हथियार भी मिले हैं, जो इस बात का संकेत देते हैं कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था।
आरोपियों की गिरफ्तारी
अब तक पुलिस ने भद्रक से 6, बालेश्वर से 4 और मयूरभंज से 4 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। कुछ आरोपी मौके से भागने में सफल रहे हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि उन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
डीआईजी का बयान
डीआईजी पिनाक मिश्रा ने कहा, "हमें मवेशी चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह अभियान शुरू किया गया। अब तक 50 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई है। यह प्रारंभिक आंकड़ा है, क्योंकि कुछ स्थानों पर गिनती जारी है।"
सख्त कार्रवाई का आश्वासन
डीआईजी ने बताया कि वाहनों के दस्तावेजों की जांच चल रही है और अभियान खत्म होने के बाद पूरी जानकारी साझा की जाएगी। उन्होंने कहा कि ओडिशा में गौ-हत्या और अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।
