ओएनजीसी और एनएसटीएफडीसी के बीच समझौता, आदिवासी छात्रों के लिए नई पहल
समझौता ज्ञापन का उद्देश्य
ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) ने आदिवासी छात्रों के विकास के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता विशेष रूप से एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले आदिवासी छात्रों के कल्याण के लिए किया गया है।
समझौते का विवरण
इस समझौते के तहत, ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी निधि का उपयोग करके स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करेगा। यह कार्यक्रम सोमवार (5 जनवरी) को डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित किया गया, जहां एनएसटीएफडीसी की उप महाप्रबंधक बिस्मिता दास और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख डॉ. देबासिस मुखर्जी ने हस्ताक्षर किए।

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस कार्यक्रम में जनजातीय मामलों के मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा, अतिरिक्त सचिव मनीष ठाकुर, संयुक्त सचिव अनंत प्रकाश पांडे, एनएसटीएफडीसी के सीएमडी रूमुआन पैते, ओएनजीसी के मानव संसाधन निदेशक मनीष पाटिल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
पहल के उद्देश्य
इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल शिक्षा सुविधाओं में सुधार करना, छात्रों को करियर मार्गदर्शन और मेंटरशिप प्रदान करना, शिक्षकों का प्रशिक्षण, और छात्राओं के लिए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ओएनजीसी ने इस परियोजना के लिए 28 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है।

लाभार्थियों की संख्या
यह योजना 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 144 एकलव्य मॉडल स्कूलों में लागू की जाएगी, जिससे 35,000 से अधिक आदिवासी छात्रों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में देशभर में 499 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय कार्यरत हैं, जिनका उद्देश्य आदिवासी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करना है।
