ओ पन्नीरसेल्वम का पलानीस्वामी पर हमला, चुनावी घोषणापत्र को बताया झूठा

पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने एडप्पाडी पलानीस्वामी पर तीखा हमला करते हुए उनके चुनावी घोषणापत्र को झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा कि एक प्रभावशाली नेता वह होता है जो चुनावों में हार के बावजूद अपनी पार्टी को जीत दिला सके। इसके अलावा, द्रमुक सांसदों ने महिला अधिकारों पर भी जोर दिया। जानें इस राजनीतिक विवाद की पूरी कहानी।
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ओ पन्नीरसेल्वम का पलानीस्वामी पर हमला, चुनावी घोषणापत्र को बताया झूठा

ओ पन्नीरसेल्वम का बयान

पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके के नेता ओ पन्नीरसेल्वम ने विपक्ष पर तीखा हमला किया है। उन्होंने एडप्पाडी पलानीस्वामी को करिश्माई या प्रभावशाली नेता मानने से इनकार किया। उनके अनुसार, 2017 से 2024 के बीच पलानीस्वामी को 10 चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। एक सच्चा और मजबूत नेता वह होता है जो चुनावों में हार के बावजूद अपनी पार्टी को अगले चुनाव में जीत दिलाने में सक्षम हो। इस दृष्टिकोण से, पलानीस्वामी को प्रभावशाली नेता नहीं माना जा सकता। लगातार दस चुनावी हार के बावजूद, वे अपने पद पर बने हुए हैं।


चुनावी घोषणापत्र पर टिप्पणी

ओ पन्नीरसेल्वम ने प्रेस से बातचीत में कहा कि उनका उद्देश्य जनता को यह बताना है कि एडप्पाडी पलानीस्वामी द्वारा जारी किया गया चुनावी घोषणापत्र असत्य है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि हमें यह देखना चाहिए कि पलानीस्वामी के पिछले वादे कितने सच साबित हुए हैं। द्रविड़ मुनेत्र कषगम् (द्रमुक) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ लोकसभा में कहा कि तमिलनाडु के नेता हमेशा महिला अधिकारों के समर्थन में रहे हैं।


महिला अधिकारों पर चर्चा

द्रमुक सांसद कलानिधि वीरास्वामी ने सदन में ‘दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025’ पर चर्चा के दौरान कहा कि तमिलनाडु हमेशा से महिला अधिकारों का समर्थक रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि पेरियार, करुणानिधि और वर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन सभी ने महिला अधिकारों और सशक्तीकरण का समर्थन किया है। इससे पहले, वित्त मंत्री सीतारमण ने सदन में वित्त विधेयक, 2026 पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि द्रमुक सरकार महिलाओं के खिलाफ है और इस बार उन्हें महिलाओं का समर्थन नहीं मिलेगा।