ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर, भारतीय सशस्त्र बलों ने अपनी सैन्य शक्ति और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में, अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और भारत की सुरक्षा को सुनिश्चित किया। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ऑपरेशन के उद्देश्यों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। जानें इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन के बारे में और अधिक जानकारी।
| May 7, 2026, 15:44 IST
ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर सशस्त्र बलों का बयान
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर, सशस्त्र बलों ने गुरुवार को कहा कि इस सैन्य कार्रवाई ने देश की गहरी मारक क्षमता को उजागर किया है और राष्ट्र की अखंडता तथा संप्रभुता की रक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाया है। जयपुर में सेना, वायु सेना और नौसेना द्वारा आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, सशस्त्र बलों ने यह भी बताया कि सरकार ने उन्हें पूरी स्वतंत्रता दी थी और कहा कि पूरा ऑपरेशन सुनियोजित, सटीक और स्पष्ट उद्देश्य के साथ किया गया था।
सरकार के निर्देश और ऑपरेशन का उद्देश्य
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि सरकार ने उन्हें दो मुख्य निर्देश दिए थे: एक स्पष्ट राजनीतिक-सैन्य उद्देश्य और परिचालन में लचीलापन। उन्होंने कहा कि आतंकवादी तंत्र को नष्ट करने और उनकी योजनाओं को बाधित करने का लक्ष्य स्पष्ट था। घई ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल हंगामा खड़ा करना नहीं था, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को जारी रखना है। एक साल बाद, हम न केवल ऑपरेशन को याद करते हैं, बल्कि इसके पीछे के सिद्धांत को भी। भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।
भारतीय वायु सेना का दृष्टिकोण
भारतीय वायु सेना के एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में कहा कि भारत का उद्देश्य आतंकी लॉन्चपैडों को नष्ट करना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि इसे केवल स्थगित किया गया है। भारती ने कहा कि हमारी लड़ाई आतंकवादियों और उनके सहायक तंत्र के खिलाफ थी, और हमने सुनिश्चित किया कि कोई भी पक्ष प्रभावित न हो। जब पाकिस्तान ने आतंकवाद का समर्थन करना जारी रखा, तो हमें आत्मरक्षा में जवाब देना पड़ा।
नौसेना की भूमिका और भविष्य की योजनाएं
वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने ऑपरेशन सिंदूर में नौसेना की भूमिका पर प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि इसने पाकिस्तान को अपने बंदरगाह से बाहर न निकलने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि नौसेना ने युद्धपोत और पनडुब्बियां तैनात करके अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रेस ब्रीफिंग में बताया गया कि ब्रह्मोस और आकाश जैसे स्वदेशी मिसाइल प्लेटफॉर्म ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही, भारत की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए मिशन सुदर्शन चक्र की तैयारी की जा रही है।
सफलता और शत्रुता का अंत
सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में 11 हवाई अड्डों और नौ आतंकी शिविरों को नष्ट करने का दावा किया, जबकि दुश्मन भारत की सैन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने में असफल रहा। घई ने कहा कि हमने स्पष्ट उद्देश्यों को प्राप्त किया और जब पाकिस्तान ने बातचीत के लिए मजबूर किया, तब हमने शत्रुता समाप्त करने का निर्णय लिया।
