एलपीजी की उपलब्धता पर केंद्र सरकार की चेतावनी, राज्यों को दी गई सलाह

केंद्र सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों पर चिंता जताई है और राज्यों को संचार व्यवस्था को मजबूत करने की सलाह दी है। मंत्रालय ने बताया कि केवल 17 राज्य नियमित प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं, जिससे अन्य राज्यों को भी इस दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। यह कदम वैश्विक सप्लाई चेन पर भू-राजनीतिक तनाव के प्रभाव के चलते उठाया गया है।
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एलपीजी की उपलब्धता पर केंद्र सरकार की चेतावनी, राज्यों को दी गई सलाह

एलपीजी की अफवाहों पर केंद्र का ध्यान

एलपीजी की उपलब्धता पर केंद्र सरकार की चेतावनी, राज्यों को दी गई सलाह

नई दिल्ली। एलपीजी की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों के मद्देनजर, केंद्र सरकार ने राज्यों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मंत्रालय ने बताया कि केवल 17 राज्य नियमित प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं, जिससे अन्य राज्यों को भी अपनी संचार व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।

केंद्र सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंताओं को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि केवल 17 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश ही नियमित रूप से प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं, जो स्थिति को संभालने के लिए अपर्याप्त है।

राज्यों से संचार व्यवस्था को सुधारने की अपील
पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने पत्र में उल्लेख किया कि कुछ क्षेत्रों में अभी भी अफवाहें और गलत जानकारी फैल रही हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक भय उत्पन्न हो रहा है और कई स्थानों पर घबराहट में खरीदारी की जा रही है। मंत्रालय ने राज्यों से अनुरोध किया है कि वे अपनी संचार व्यवस्था को और अधिक मजबूत करें ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे।

वर्तमान में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे 17 राज्य/यूटी नियमित या अंतराल पर प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं। केंद्र ने अन्य राज्यों से भी इसी तरह के कदम उठाने का निर्देश दिया है।

मंत्रालय की सलाह
मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि वरिष्ठ स्तर पर रोजाना प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की जाए और सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सही और समय पर जानकारी प्रदान की जाए, ताकि लोगों को एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारु वितरण का विश्वास हो सके और अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।

इसके अलावा, केंद्र ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि इस प्रकार की गलत गतिविधियों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

यह निर्देश 27 मार्च को जारी की गई चेतावनी के बाद आया है, जिसमें मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन पर प्रभाव की बात कही थी। इन परिस्थितियों के चलते पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों और उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें तेजी से फैल रही हैं, जिससे घरेलू वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ा है।