एयर इंडिया विमान दुर्घटना की जांच: छह हफ़्तों में पूरी होने की उम्मीद

अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान दुर्घटना की जांच अगले छह हफ़्तों में समाप्त होने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत हलफ़नामे के अनुसार, अंतिम रिपोर्ट का प्रारूप अक्टूबर 2026 तक तैयार किया जाएगा। AAIB ने बताया कि जांच की प्रक्रिया हादसे की गंभीरता और तकनीकी जटिलताओं के आधार पर निर्धारित की गई है। इसके अलावा, गवाहों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए नियम बनाए गए हैं ताकि जांच निष्पक्ष हो सके। जानें इस मामले में और क्या जानकारी सामने आई है।
 | 
gyanhigyan

जांच की प्रक्रिया और समयसीमा

अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान दुर्घटना की जांच अगले छह हफ़्तों में समाप्त होने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा प्रस्तुत हलफ़नामे के अनुसार, इस जांच की अंतिम रिपोर्ट का प्रारूप अक्टूबर 2026 तक तैयार किया जाएगा।


जांच की गंभीरता और तकनीकी पहलू

AAIB ने स्पष्ट किया है कि जांच का कार्यक्रम हादसे की गंभीरता, पैमाने और तकनीकी जटिलताओं के आधार पर निर्धारित किया गया है। यदि अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो यह जांच निर्धारित समय में पूरी हो जाएगी। जांच के परिणामों और तकनीकी जानकारी के आधार पर, अक्टूबर 2026 तक एक प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। हलफ़नामे में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारतीय कानून के अनुसार विमान दुर्घटनाओं की जांच के लिए आवश्यक सभी 10 चरणों का पालन किया जा रहा है। AAIB ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की ऑडियो रिकॉर्डिंग और विमान में मौजूद अन्य तस्वीरों या ऑडियो रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है, क्योंकि ऐसा करना कानून के तहत निषिद्ध है।


गवाहों की स्वतंत्रता

AAIB के अनुसार, यह नियम इस उद्देश्य से बनाए गए हैं ताकि गवाह बिना किसी दबाव के सच बोल सकें, जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकें, और दुर्घटना की निष्पक्ष जांच प्रभावित न हो। इसके अलावा, भारत अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को भी पूरा कर सके।


सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत एक विस्तृत हलफनामे में AAIB ने कहा कि 12 जून, 2025 को अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना की कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग और एयरबोर्न इमेज रिकॉर्डिंग को किसी बाहरी समिति या जनता के सामने उजागर करने पर "पूर्ण कानूनी रोक" है। AAIB ने कहा कि ऐसी जानकारी साझा करना 'एयरक्राफ्ट (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम, 2025' के नियम 17(1) और नियम 17(5) के साथ-साथ शेड्यूल C का उल्लंघन होगा। यह भी बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ान से जुड़ी गंभीर दुर्घटना केवल घरेलू जांच का मामला नहीं है, बल्कि यह शिकागो कन्वेंशन और इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) के नियमों के एनेक्स 13 के तहत आने वाली अंतरराष्ट्रीय जांच का मामला है।