एयर इंडिया विमान दुर्घटना की जांच अंतिम चरण में, रिपोर्ट एक महीने में जारी होगी

एयर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटना की जांच अब अंतिम चरण में पहुँच गई है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि रिपोर्ट एक महीने में जारी की जाएगी। इस दुर्घटना में 260 लोगों की जान गई थी। जांच में सभी संभावित कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। जानें इस मामले में और क्या जानकारी सामने आई है।
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एयर इंडिया विमान दुर्घटना की जांच अंतिम चरण में, रिपोर्ट एक महीने में जारी होगी gyanhigyan

एयर इंडिया की दुर्घटना की जांच का अपडेट

पिछले वर्ष एयर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटना में 260 लोगों की जान जाने के मामले में जांच अब अंतिम चरण में पहुँच गई है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि अंतिम रिपोर्ट लगभग एक महीने में जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार, जांच अब अंतिम चरण में है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) स्वतंत्र रूप से इस मामले की जांच कर रहा है और हमने उन्हें सभी आवश्यक संसाधन प्रदान कर दिए हैं। नायडू ने शुक्रवार को गांधीनगर के जीआईएफटी सिटी में आयोजित इंडिया एयरक्राफ्ट लीजिंग एंड फाइनेंसिंग समिट 2.0 के दौरान पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। एयर इंडिया की फ्लाइट एआई171, जो लंदन गैटविक के लिए उड़ान भर रही थी, 12 जून, 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें 241 यात्रियों सहित कुल 260 लोगों की मृत्यु हो गई।


जांच की प्रगति और संभावित कारण

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो इस घटना की जांच कर रहा है। फरवरी में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया था कि दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है और इसे समय पर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने भी राज्यसभा को सूचित किया था कि एएआईबी द्वारा जांच जारी है। मंत्रालय ने कहा था कि दुर्घटना से जुड़े सभी संभावित कारणों की गहन जांच की जा रही है। पिछले साल 12 जुलाई को जारी की गई प्रारंभिक रिपोर्ट में, एएआईबी ने बताया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद एक सेकंड के भीतर दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति बंद कर दी गई थी, जिससे कॉकपिट में अफरा-तफरी मच गई थी। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि कॉकपिट की वॉयस रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता है कि उसने ईंधन आपूर्ति क्यों बंद की, जिस पर दूसरे पायलट ने कहा कि उसने ऐसा नहीं किया।


जांच में आगे की प्रक्रिया

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया था कि प्रारंभिक रिपोर्ट उस समय उपलब्ध साक्ष्यों पर आधारित थी और इसमें कोई अंतरिम सुरक्षा सिफारिशें शामिल नहीं थीं। जांचकर्ता विमान के कुछ घटकों की जांच कर रहे हैं और दुर्घटना से संबंधित तकनीकी, परिचालन, संगठनात्मक और मानवीय कारकों का मूल्यांकन कर रहे हैं। इसके साथ ही, यह भी कहा गया है कि जांच में किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया गया है।