एयर इंडिया और इंडिगो की घरेलू उड़ानों में कटौती, ईंधन की कीमतों का असर

एयर इंडिया और इंडिगो ने जून से अगस्त 2026 के बीच घरेलू उड़ानों में कटौती करने का निर्णय लिया है। यह कदम विमानन टर्बाइन ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण उठाया गया है, जो एयरलाइन संचालन को प्रभावित कर रहा है। एयर इंडिया 22 प्रतिशत और इंडिगो 5-7 प्रतिशत की कमी करने की योजना बना रही है। जानें इस निर्णय के पीछे के कारण और ईंधन की कीमतों का प्रभाव।
 | 
एयर इंडिया और इंडिगो की घरेलू उड़ानों में कटौती, ईंधन की कीमतों का असर gyanhigyan

उड़ानों में कमी का कारण

एयर इंडिया और इंडिगो ने जून से अगस्त 2026 के बीच अपनी घरेलू उड़ानों में कमी करने का निर्णय लिया है। यह कदम विमानन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) की बढ़ती कीमतों के कारण उठाया गया है, जो एयरलाइन संचालन और व्यावसायिक स्थिरता को प्रभावित कर रहा है। एयर इंडिया इस अवधि में अपनी घरेलू उड़ानों में 22 प्रतिशत तक की कमी करने की योजना बना रही है, जबकि इंडिगो ने घरेलू क्षमता में 5-7 प्रतिशत की कमी करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, इंडिगो ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी 17 प्रतिशत की कमी की है.


एयर इंडिया का बयान

एयर इंडिया ने बुधवार को बताया कि उसने जून से अगस्त 2026 के बीच कुछ मार्गों पर उड़ानों की संख्या में कमी की है, जिससे "कुछ घरेलू मार्गों पर संचालन को अस्थायी रूप से युक्तिसंगत" किया जा सके। एयरलाइन ने कहा कि यह निर्णय पहले से घोषित अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में कटौती के बाद लिया गया है।


ईंधन की कीमतों का प्रभाव

एयर इंडिया ने एक बयान में कहा कि उच्च ईंधन कीमतों के कारण ये समायोजन किए गए हैं। पिछले तीन महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इस क्षेत्र में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण ऊर्जा बाजार पर दबाव बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक कच्चे तेल परिवहन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, में किसी भी व्यवधान का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर पड़ता है।