एनसीबी की 2025 की रिपोर्ट: मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई का विवरण
स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने जानकारी दी है कि वर्ष 2025 में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ 37 इंटरपोल नोटिस जारी किए गए। इस दौरान लगभग 2,000 करोड़ रुपये मूल्य के 1.33 लाख किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए। एनसीबी ने बुधवार को अपनी वार्षिक गतिविधियों का एक ग्राफ साझा करते हुए बताया कि इस अवधि में 77,000 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया, जिसका मूल्य 3,889 करोड़ रुपये आंका गया।
दोषी ठहराए गए अपराधियों की संख्या
एनसीबी ने बताया कि 2025 में 131 मामलों में 265 मादक पदार्थ अपराधियों को दोषी ठहराया गया। इनमें से 39 आरोपियों को अधिकतम 20 वर्ष की सजा सुनाई गई, जबकि 210 को 10 से 20 वर्ष के बीच की सजा दी गई। एजेंसी ने यह भी कहा कि अदालतों में मादक पदार्थ मामलों में उसकी दोषसिद्धि दर 67 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष के 60.8 प्रतिशत से अधिक है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग में प्रगति
बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग, विशेषकर फरार आरोपियों की पहचान और उनके प्रत्यर्पण में, एनसीबी ने उल्लेखनीय प्रगति की है। पिछले वर्ष, एजेंसी ने 14 इंटरपोल रेड नोटिस, 22 ब्लू नोटिस और एक सिल्वर नोटिस प्राप्त किया। 2025 में संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका और मलेशिया से पांच फरार आरोपियों को निर्वासित किया गया।
अवैध मादक पदार्थ निर्माण प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़
एजेंसी ने यह भी बताया कि 1,980 करोड़ रुपये मूल्य के 1.33 लाख किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए और 447 मामलों में 994 तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 25 विदेशी नागरिक शामिल हैं। एनसीबी ने राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में छह अवैध मादक पदार्थ निर्माण प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया।
मानस हेल्पलाइन पर नागरिकों की भागीदारी
इसके अलावा, एनसीबी ने बताया कि राष्ट्रीय मादक पदार्थ निरोधक हेल्पलाइन 'मानस' पर 1.19 लाख से अधिक नागरिकों ने संपर्क किया, जिनमें कई कार्रवाई योग्य सूचनाएं शामिल थीं। बयान के अनुसार, मानस हेल्पलाइन पर प्राप्त कॉल के आधार पर एनसीबी और विभिन्न राज्यों की मादक पदार्थ निरोधक इकाइयों द्वारा कुल 110 मामले दर्ज किए गए।
