एनसीईआरटी किताब में न्यायपालिका पर विवाद: शिक्षा मंत्री का बयान और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई
कक्षा 8 की एनसीईआरटी किताब में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' पाठ को लेकर विवाद गहरा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त नाराजगी जताई है, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस मामले की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे। जानें इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की क्या प्रतिक्रिया रही और शिक्षा मंत्री ने क्या कहा।
| Feb 26, 2026, 16:18 IST
एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में विवाद
कक्षा 8 की एनसीईआरटी किताब में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' शीर्षक वाले पाठ को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने महत्वपूर्ण बयान दिया है।
शिक्षा मंत्री का बयान
झारखंड के सरायकेला खरसावां में मीडिया से बातचीत करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एनसीईआरटी की किताबों में न्यायपालिका के बारे में इस तरह की बातें लिखना चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह मामला सामने आया, किताबों की समीक्षा कराई गई है। शिक्षा मंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी गलती न हो।
सुप्रीम कोर्ट की कड़ी प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने इस विवादास्पद सामग्री पर शिक्षा सचिव और एनसीईआरटी के निदेशक को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने गंभीरता से कहा कि यह न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित साजिश प्रतीत होती है। उन्होंने भावुक होकर कहा, 'आज न्यायपालिका खून से लथपथ है और कोई भी कुछ भी कह रहा है।' अदालत ने इसे पूरी शिक्षा प्रणाली के माध्यम से समाज में गलत संदेश फैलाने का प्रयास बताया है।
