एनएचआरसी ने असम और उत्तर प्रदेश में मानवाधिकार उल्लंघनों पर नोटिस जारी किया

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने असम के कछार जिले में एक फैक्टरी विस्फोट और उत्तर प्रदेश में जहरीली गैस की घटनाओं पर नोटिस जारी किया है। आयोग ने इन मामलों में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों की आशंका जताई है। इसके अलावा, वाराणसी में एक छात्र के साथ अमानवीय व्यवहार की घटना पर भी आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। जानें आयोग ने क्या कदम उठाए हैं और क्या रिपोर्ट मांगी गई है।
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असम में फैक्टरी विस्फोट की घटना

नई दिल्ली, 30 जुलाई: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बुधवार को असम के कछार जिले में एक धातु प्रसंस्करण फैक्टरी में हुए विस्फोट के मामले में चार श्रमिकों की मौत और दो अन्य के गंभीर रूप से घायल होने की घटना पर राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने बताया कि विस्फोट के बाद पिघला हुआ धातु श्रमिकों पर गिर गया। मृतकों के परिवारों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस फैक्टरी में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।


मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान

एनएचआरसी ने 26 जुलाई को हुई इस घटना से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने कहा कि यदि मीडिया में दिए गए दावे सही हैं, तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। आयोग ने असम सरकार के मुख्य सचिव और कछार के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।


घायलों और मृतकों के परिजनों के मुआवजे की जानकारी

रिपोर्ट में घायलों की स्वास्थ्य स्थिति के साथ-साथ मृतकों के परिवारों और घायल श्रमिकों को दिए गए मुआवजे का विवरण भी शामिल करने का निर्देश दिया गया है।


गौतमबुद्ध नगर में जहरीली गैस की घटना

एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में एक आवासीय सोसायटी के सीवेज शोधन संयंत्र में जहरीली गैस के संपर्क में आने से एक सफाईकर्मी और एक सुरक्षा गार्ड की मौत की घटना पर भी स्वत: संज्ञान लिया है। सफाईकर्मी टैंक की सफाई के लिए सीवर में उतरा था, जहां वह बेहोश हो गया। जब वह बाहर नहीं आया, तो सोसायटी का एक सुरक्षा गार्ड उसे बचाने के लिए टैंक में उतरा, लेकिन वह भी बेहोश हो गया।


वाराणसी में छात्र के साथ अमानवीय व्यवहार

एनएचआरसी ने वाराणसी जिले के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले पांच वर्षीय छात्र के साथ उसके शिक्षक द्वारा कथित रूप से की गई प्रताड़ना और अमानवीय व्यवहार की घटना का भी स्वत: संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे के पैंट में पेशाब कर देने से नाराज शिक्षक उसे स्कूल की रसोई में ले गया और कथित तौर पर गर्म चाकू से उसके गुप्तांग को दाग दिया। आयोग ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और वाराणसी के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।