एनआईए ने पंजाब और हरियाणा में आतंकवादियों के खिलाफ छापेमारी की

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब और हरियाणा में आतंकवादियों के खिलाफ एक समन्वित तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेज़ जब्त किए गए हैं। एनआईए की जांच में शहजाद भट्टी से जुड़े आतंकवादी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें विभिन्न विस्फोटों की साजिश भी शामिल है। जानें इस अभियान के पीछे की पूरी कहानी और एनआईए की जांच के परिणाम।
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एनआईए ने पंजाब और हरियाणा में आतंकवादियों के खिलाफ छापेमारी की gyanhigyan

एनआईए का तलाशी अभियान

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार, 9 जून को पंजाब और हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी शहजाद भट्टी से संबंधित तीन आतंकी समूहों के मामलों की जांच के तहत की गई। आतंकवाद विरोधी एजेंसियों की टीमों ने दोनों राज्यों के नौ जिलों में 18 स्थानों पर समन्वित रूप से तलाशी ली और कई व्यक्तियों से जानकारी प्राप्त की।


ज़ब्त किए गए उपकरण और दस्तावेज़

एनआईए ने डिजिटल उपकरण और दस्तावेज़ ज़ब्त किए

तलाशी के दौरान, एनआईए की टीम ने कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेज़ जब्त किए। इसके साथ ही, विभिन्न संचार नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और तीनों मामलों में एजेंसी की निगरानी में आए व्यक्तियों की गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की गई। एनआईए ने एक बयान में कहा कि एकत्र की गई सभी जानकारी और सबूतों को गहन जांच और फोरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा गया है, ताकि सीमा पार की साजिश का खुलासा किया जा सके। जांच के तहत कुछ व्यक्तियों को आगे की पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। यह जांच भट्टी द्वारा संचालित नेटवर्क के पीछे की बड़ी साजिश को उजागर करने के उद्देश्य से की जा रही है। बयान में कहा गया है, "आज की तलाशी भट्टी के सहयोगियों और तीनों मामलों से जुड़े अन्य आतंकियों की पहचान पर केंद्रित थी।


एनआईए की जांच के परिणाम

एनआईए की जांच में क्या खुलासा हुआ?

एनआईए की जांच में यह पाया गया है कि पंजाब के जालंधर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोजर संधू के आवास पर मार्च 2025 में हुए ग्रेनेड हमले का संबंध शहजाद भट्टी से है। अप्रैल 2026 में, एनआईए ने भट्टी को फरार घोषित किया और इस मामले में एक अन्य आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया। इसके अलावा, एनआईए ने यह भी पता लगाया कि भट्टी ने हरियाणा के सिरसा में महिला पुलिस स्टेशन में नवंबर 2025 में हुए विस्फोट और अंबाला के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन में जनवरी 2026 में हुए विस्फोट की साजिश भी रची थी। सिरसा मामले में, एनआईए ने मई 2026 में भट्टी और पाकिस्तान के एक अन्य हैंडलर सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलूच सहित नौ व्यक्तियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।