एकनाथ शिंदे ने संजय राउत की टिप्पणियों को किया खारिज

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत की टिप्पणियों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि राउत की बातें निम्न स्तर की हैं और उनका जवाब देना उचित नहीं है। शिंदे ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी हालिया मुलाकात गृह मंत्री अमित शाह से विकास कार्यों के लिए थी, न कि राजनीतिक कारणों से। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और महाराष्ट्र की राजनीति में हो रही हलचलें।
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शिंदे का राउत पर पलटवार

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत की हालिया टिप्पणियों को नकारते हुए उन्हें निम्न स्तर का बताया। यह प्रतिक्रिया राउत के उस आरोप के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि शिंदे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मंजूरी लेने के लिए "चुराई गई संपत्ति" लेकर गए थे। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिंदे ने कहा कि राउत की टिप्पणियों का जवाब उनके प्रवक्ता देंगे, और उन्होंने कहा कि ऐसी घटिया बातों का जवाब देना उचित नहीं है।


शिवसेना के गुटों के बीच अंतर

शिंदे ने अपने गुट और UBT गुट के बीच भिन्नता को स्पष्ट करते हुए कहा कि वे 'बर्बाद करने' की बातें करते हैं, जबकि हम 'विकास' की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राउत पिछले चार वर्षों से गालियां दे रहे हैं, लेकिन इससे वे खुद को और बड़ी समस्याओं में डाल रहे हैं। शिंदे ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की जनता उनके साथ मजबूती से खड़ी है।


गृह मंत्री से मुलाकात का उद्देश्य

शिंदे ने गृह मंत्री से अपनी हालिया मुलाकात का उद्देश्य बताते हुए कहा कि उनके साथ छह सांसद भी थे, जो हाल ही में उनके गुट में शामिल हुए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने विकास कार्यों के लिए समर्थन मांगा और यह स्पष्ट किया कि यह मुलाकात पूरी तरह से गैर-राजनीतिक थी।


विकास योजनाओं पर चर्चा

शिंदे ने कहा कि हाल ही में छह सांसद शिवसेना में शामिल हुए हैं। हम अमित शाह से आशीर्वाद लेने और अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों से जुड़े कई प्रस्ताव पेश करने के लिए मिले थे। इनमें सिंचाई परियोजनाएं, रेलवे, सड़कें और ग्रामीण विकास योजनाएं शामिल हैं। अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि वे संबंधित मंत्रियों के साथ मिलकर इन मुद्दों का समाधान करेंगे।


राउत की आलोचना

इससे पहले, संजय राउत ने शिंदे के इस कदम की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि क्या इस देश में कानून का राज है? उन्होंने कहा कि शिंदे दिल्ली की सड़कों पर 'चोरी की संपत्ति' लेकर घूम रहे हैं, और यह चिंता का विषय है कि कानून उन्हें रोक नहीं रहा है।