एकनाथ खडसे ने भाजपा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी

महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन और भाजपा के एक नेता के बीच विवादित ऑडियो क्लिप के चलते एकनाथ खडसे ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस क्लिप में अपमानजनक टिप्पणियां की गई हैं। विजय चौधरी ने इस्तीफा देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। खडसे, जो पहले भाजपा में थे, अब राकांपा के सदस्य हैं और उन्होंने भाजपा में वापसी की इच्छा जताई थी, लेकिन अब उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखने का निर्णय लिया है।
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भाजपा के पदाधिकारी और मंत्री के बीच विवादित ऑडियो क्लिप

महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन और भाजपा के एक नेता के बीच एक विवादास्पद ऑडियो क्लिप के चलते राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता एकनाथ खडसे ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस ऑडियो क्लिप में भाजपा के उत्तर महाराष्ट्र समन्वयक विजय चौधरी, खडसे और उनकी बहू केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते सुनाई दे रहे हैं। रक्षा खडसे युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री हैं।


हालांकि, इस ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं की जा सकी है। एकनाथ खडसे ने कहा कि वह अपने वकीलों से सलाह लेकर जल्द ही कानूनी कदम उठाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस ऑडियो क्लिप को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को सौंपेंगे।


चौधरी का इस्तीफा और राजनीतिक आरोप

इस विवाद के बीच, विजय चौधरी ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधी उन्हें बदनाम करने के लिए इस ऑडियो क्लिप का इस्तेमाल कर रहे हैं। चौधरी ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अपना इस्तीफा दिया है।


चौधरी ने कहा कि पिछले 13 वर्षों में भाजपा ने उन्हें जो जिम्मेदारियां दी थीं, उन्होंने उन्हें पूरी ईमानदारी से निभाया। एकनाथ खडसे 2014 से देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राजस्व मंत्री रहे, लेकिन 2016 में भूमि सौदे से जुड़े आरोपों के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।


खडसे की भाजपा में वापसी की संभावना

एकनाथ खडसे ने 40 वर्षों तक भाजपा में रहने के बाद अक्टूबर 2020 में पार्टी छोड़ दी और राकांपा में शामिल हो गए। वह वर्तमान में राकांपा के विधानपरिषद सदस्य हैं। अप्रैल 2024 में, उन्होंने भाजपा में वापसी की इच्छा जताई थी, लेकिन अब उन्होंने अपना रुख बदलते हुए राकांपा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखने का निर्णय लिया है।