एआर रहमान का धर्म परिवर्तन: एक संगीतकार की अनकही कहानी
एआर रहमान का जन्मदिन विशेष
ए आर रहमान बर्थडे
एआर रहमान का जन्मदिन विशेष: एआर रहमान का नाम भारतीय संगीत में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने संगीतकार के रूप में अपनी पहचान बनाई है और अपनी आवाज से भी लोगों के दिलों में जगह बनाई है। रहमान की व्यक्तिगत जिंदगी भी चर्चा का विषय रही है, खासकर उनके धर्म को लेकर। मुस्लिम धर्म को अपनाने वाले रहमान पहले हिंदू थे। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर जानते हैं कि उन्होंने अपना धर्म क्यों बदला।
एआर रहमान का जन्म 6 जनवरी 1967 को चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ। वह एक हिंदू परिवार में पैदा हुए थे और उनका नाम पहले दिलीप कुमार था। लेकिन एक घटना ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। इस घटना के बाद उन्होंने धर्म परिवर्तन का निर्णय लिया। ऑस्कर और ग्रैमी पुरस्कार विजेता रहमान का धर्म परिवर्तन उनके पिता से जुड़ा हुआ है।
धर्म परिवर्तन की कहानी
एआर रहमान ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके पिता कैंसर से पीड़ित थे और उनके अंतिम दिनों में एक सूफी संत ने उनका इलाज किया। कुछ समय बाद, जब रहमान उस सूफी संत से मिले, तो उन्होंने अपने परिवार के साथ इस्लाम धर्म अपनाने का निर्णय लिया। इसके बाद दिलीप कुमार ने अल्लाह रक्खा रहमान नाम धारण किया। उन्होंने यह भी बताया कि एआर रहमान नाम उन्हें एक हिंदू ज्योतिषी से मिला था।
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संगीत में करियर की शुरुआत
एआर रहमान ने एक बार कहा था कि उनका संगीत क्षेत्र में आने का कोई इरादा नहीं था। वह तो कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहते थे। लेकिन किस्मत ने उन्हें संगीत की ओर मोड़ दिया। उन्होंने 1992 में मणि रत्नम की फिल्म ‘रोजा’ के गानों से अपने करियर की शुरुआत की, जो बेहद सफल रही।
