ऋषभ पंत के पास टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने का सुनहरा मौका

ऋषभ पंत, जो 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान थे, अब टेस्ट क्रिकेट में अफगानिस्तान के खिलाफ 100 छक्के लगाने के करीब हैं। इस लेख में उनके रिकॉर्ड, कप्तानी और क्रिकेट करियर की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। क्या पंत इस अवसर का लाभ उठाकर नया इतिहास रचेंगे? जानें पूरी कहानी।
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ऋषभ पंत के पास टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने का सुनहरा मौका gyanhigyan

ऋषभ पंत की कप्तानी में लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन

2026 में ऋषभ पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी की, लेकिन इस सीजन में उनकी टीम का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। पंत का बल्ला भी इस दौरान चुप रहा। अब, एक खराब आईपीएल सीजन के बाद, पंत टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं और अफगानिस्तान के खिलाफ एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बनाने के करीब हैं।


अफगानिस्तान के खिलाफ पंत का लक्ष्य

पंत की कोशिश होगी कि वह अफगानिस्तान के खिलाफ अपने बल्ले का जादू दिखाएं और टीम की जीत में योगदान दें। इस टेस्ट में उनके पास एक बड़ा रिकॉर्ड बनाने का अवसर है, जो कि सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, रोहित शर्मा, एमएस धोनी और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी नहीं कर पाए।


पंत के पास 100 छक्के लगाने का अवसर

पंत के पास टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने का अनूठा मौका है। उन्होंने अब तक 94 छक्के लगाए हैं, और अगर वह अफगानिस्तान के खिलाफ 6 छक्के लगाने में सफल होते हैं, तो वह टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे।


भारत में टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज

भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड ऋषभ पंत के नाम है, जिन्होंने 94 छक्के लगाए हैं। वीरेंद्र सहवाग ने 90 छक्के लगाए हैं, जबकि रोहित शर्मा के नाम 88 और रविंद्र जडेजा के नाम 82 छक्के हैं। एमएस धोनी ने 78 छक्के लगाए हैं।


पंत का टेस्ट करियर

ऋषभ पंत ने अब तक भारत के लिए 49 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 86 पारियों में 3476 रन बनाए हैं। उनका औसत 42.91 है और उन्होंने इस प्रारूप में 8 शतक और 18 अर्धशतक भी बनाए हैं। पंत की सर्वश्रेष्ठ पारी 159 रन की है। अफगानिस्तान के खिलाफ वह अपने टेस्ट करियर का 50वां मैच खेलने उतरेंगे।


श्रेयस अय्यर की कप्तानी की चर्चा

श्रेयस अय्यर ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया है और अब वह भारतीय टी20 टीम के कप्तान बनने के करीब हैं। उन्होंने मुंबई और केकेआर जैसी टीमों को चैंपियन बनाने का गौरव हासिल किया है। उनकी खासियत यह है कि उन्होंने अपनी कप्तानी का प्रभाव अपनी बैटिंग पर नहीं पड़ने दिया।