ऊना में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपियों को मिली कड़ी सजा

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले दो आरोपियों को न्यायालय ने 22 साल की कठोर सजा सुनाई है। यह मामला लगभग दो साल पुराना है, जिसमें पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। जानें इस मामले की पूरी कहानी और न्याय की प्रक्रिया के बारे में।
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ऊना में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपियों को मिली कड़ी सजा gyanhigyan

नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला

ऊना में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपियों को मिली कड़ी सजा


ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले दो आरोपियों को न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई है। यह मामला लगभग दो साल पुराना है, और अब जाकर पीड़िता को न्याय मिला है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष जज नरेश ठाकुर की अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया।


सजा का विवरण

क्या सजा सुनाई गई?



  • दोनों आरोपियों को 22 साल की कठोर सजा

  • प्रत्येक आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना


मामले की पृष्ठभूमि

क्या है पूरा मामला?


यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता 11वीं कक्षा की छात्रा थी। उसकी दोस्ती पालकवाह में ट्रक चलाने वाले सनी से हुई, जो पंजाब के जालंधर का निवासी है। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती गहरी होती गई और दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने लगी।


दुष्कर्म की घटना

पीर निगाह में माथा टेकने का बहाना


एक दिन सनी ने पीड़िता को पीर निगाह में माथा टेकने के लिए बुलाया। अगले दिन, सनी का दोस्त कार्तिक उसे स्कूटी पर लेने आया। तीनों रात करीब 8 बजे पीर निगाह पहुंचे और वहां एक दुकान में कमरा लिया।


शराब पिलाकर वारदात को अंजाम दिया


वहां दोनों आरोपियों ने नाबालिग को जबरन शराब पिलाई और दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि रात करीब 12 बजे दोनों उसे नशे की हालत में स्कूटी पर लेकर आए और फिर से दुष्कर्म किया।


पीड़िता की स्थिति

खुद को अपने चाचा की कार की डिक्की में पाया


जब पीड़िता सुबह होश में आई, तो उसने खुद को अपने चाचा की कार की डिक्की में पाया। उसने अपने परिवार को इस घटना के बारे में बताया, जिसके बाद ऊना महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने पोस्को एक्ट और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।