ऊंट रोग निदान शिविर का आयोजन: पशुपालकों को मिली राहत
ऊंट रोग निदान शिविर का आयोजन
ग्राम पंचायत मोहब्बतपुरा में ऊंटपालकों को सहायता प्रदान करने के लिए ऊंट रोग निदान एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 23 मार्च को पशु चिकित्सालय रेनवाल मांजी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ऊंटपालक अपने पशुओं के साथ उपस्थित हुए।
स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार
इस शिविर में कुल 140 ऊंटों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उनका उपचार किया गया। पशुओं में फैलने वाले रोगों की पहचान के लिए ब्लड और स्किन सैंपलिंग की गई, ताकि समय पर उचित चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके। पशु चिकित्सकों ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण ऊंटों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए नियमित जांच और उपचार आवश्यक है.
बीमा और टैगिंग
कैंप के दौरान डॉ. चित्रा जूनिवाल ने 50 से अधिक ऊंटों का मंगला पशु बीमा भी किया, जिससे पशुपालकों को भविष्य में होने वाले नुकसान से सुरक्षा मिल सके। शिविर का संचालन डॉ. गिरीश जोशी के नेतृत्व में किया गया, जिन्होंने पूरी टीम के साथ मिलकर जांच और उपचार का कार्य सुचारू रूप से किया।
पशुपालकों को जानकारी और दवाएं
इस अवसर पर पशुधन निरीक्षक शीशराम भाकर, धर्मराज बैरवा, सहकारण दरोगा, रमेश मीणा, विजय सिंह, रामपाल वर्मा, कमलेश चौधरी, अनीशा टाटीवाल, सुमन जाखड़ और पूजा यादव सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे। पशु परिचर अर्जुन लाल जाट, मयंक खंडेलवाल और हेमराज बैरवा ने भी शिविर में सक्रिय सहयोग दिया।
शिविर के दौरान पशुपालकों को ऊंटों की देखभाल, रोगों की पहचान और समय पर इलाज के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही, जरूरतमंद पशुपालकों को निशुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया।
शिविर की सराहना
ग्रामीणों और ऊंटपालकों ने इस शिविर की प्रशंसा की, यह कहते हुए कि ऐसे कैंप से पशुधन की सुरक्षा होती है और पशुपालकों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलती है। पशु चिकित्सा विभाग ने भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित करने का आश्वासन दिया है।
