उमा भारती का 65वां जन्मदिन: मध्य प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री की यात्रा

उमा भारती, मध्य प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री, आज 65 वर्ष की हो गईं। उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत राम जन्मभूमि आंदोलन से हुई, और उन्होंने कांग्रेस को सत्ता से हटाकर भाजपा की मजबूत नींव रखी। जानें उनके जीवन की कुछ रोचक बातें और उनके योगदान के बारे में।
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उमा भारती का जन्मदिन

मध्य प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री उमा भारती आज, 03 मई को अपने 65वें जन्मदिन का जश्न मना रही हैं। वह मध्य प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण नाम हैं, जिन्होंने कांग्रेस को 10 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद हटाया और भारतीय जनता पार्टी की मजबूत नींव रखी। आज भी भाजपा राज्य में सत्ता में है। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर उमा भारती के जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प जानकारियों पर नजर डालते हैं...


जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि

उमा भारती का जन्म 03 मई 1959 को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में हुआ। उन्होंने अपने बचपन में ही हिंदू धर्मग्रंथों का अध्ययन करना शुरू कर दिया था, जिसका प्रभाव उनके विचारों और बयानों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। उमा भारती अविवाहित हैं और उन्होंने अपने जीवन को धर्म के प्रचार में समर्पित करने का निर्णय लिया है। अब तक, उन्होंने तीन पुस्तकें भी लिखी हैं।


राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान

उमा भारती का राजनीतिक सफर ग्वालियर की राजमाता विजयाराजे सिंधिया के मार्गदर्शन में शुरू हुआ। उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राम जन्मभूमि की रक्षा के लिए, उमा ने पार्टी से निलंबन के बाद भोपाल से अयोध्या तक कठिन पद यात्रा की। साध्वी ऋतंभरा के साथ मिलकर उन्होंने एक आंदोलन की शुरुआत की। जुलाई 2007 में, रामसेतु को बचाने के लिए सेतु समुद्रम प्रोजेक्ट के खिलाफ 5 दिनों तक भूख हड़ताल भी की थी।


राजनीतिक करियर

उमा भारती ने 1984 में पहला लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। 1989 में खुजराहो से दोबारा चुनाव लड़कर उन्होंने जीत हासिल की। इसके बाद, उन्होंने 1991, 1996 और 1998 में भी इस सीट पर जीत दर्ज की। 1999 में, उमा भारती भोपाल सीट से सांसद बनीं और वाजपेयी सरकार में मानव संसाधन विकास, युवा मामले एवं खेल, पर्यटन, कोयला और खदान जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला।


मध्य प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री

2003 के विधानसभा चुनाव में, उमा भारती ने 10 वर्षों से सत्ता में काबिज दिग्विजय सिंह को हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भाजपा ने उन्हें एमपी बीजेपी का अध्यक्ष बनाया, जिसके बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दिया। राज्य में आकर, उन्होंने भाजपा की मजबूत नींव रखी, जिससे दिग्विजय सिंह की सत्ता समाप्त हो गई। इसके बाद, भाजपा की सरकार बनने पर उमा भारती को मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री बनाया गया।


8 महीने बाद इस्तीफा

उमा भारती को मुख्यमंत्री बने हुए केवल 8 महीने हुए थे कि 1994 में उनके खिलाफ एक वारंट जारी हुआ। यह वारंट हुबली कोर्ट द्वारा जारी किया गया था, जिसके कारण उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।